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पाठ 1 : दो बैलों की कथा (प्रेमचंद)

खंड-क : अपठित बोध (कुल अंक – 14)
प्रश्न 1. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

भारत एक कृषि-प्रधान देश है। यहाँ के किसानों की जीवनी-शक्ति उनके पशुओं से जुड़ी हुई है। बैल खेत जोतता है, गाड़ी खींचता है, फसल की मड़ाई करता है। बिना बैल के किसान की कल्पना करना कठिन था। परंतु आधुनिक युग में ट्रैक्टर और मशीनों के आने से पशुओं की उपयोगिता घटती जा रही है। जो बैल कभी किसान के घर की शान हुआ करते थे, वे आज उपेक्षित हो रहे हैं। पशुओं और मनुष्यों का संबंध बहुत प्राचीन है। जब कोई पशु अपने मालिक के प्रति वफादारी दिखाता है, तो उसमें एक मानवीय गुण दिखता है। प्रेमचंद की कहानियों में यही भावना मिलती है — पशु भी भावनाओं को समझते हैं, दुख और सुख अनुभव करते हैं। आज जरूरत है कि हम पशुओं के प्रति संवेदनशील बनें, उनकी देखभाल करें और उनके अधिकारों की रक्षा करें। जो समाज पशुओं पर दया करता है, वह वास्तव में मानवीय है。

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) 'कृषि-प्रधान' शब्द का अर्थ है : (अ) खेती मुख्य आधार हो जहाँ (ब) उद्योग-केंद्रित देश (स) पशुपालन मुख्य हो (द) शहरी अर्थव्यवस्था वाला
(ख) पशुओं की उपयोगिता घटने का क्या कारण बताया गया है ? (अ) पशुओं की बीमारी (ब) किसानों की निर्धनता (स) ट्रैक्टर व मशीनों का आना (द) खेती का घटना
(ग) 'पशु भी भावनाएँ समझते हैं' — यह किनकी रचनाओं की विशेषता है ? (अ) शेखर जोशी (ब) प्रेमचंद (स) मोहन राकेश (द) यतींद्र मिश्र

(ii) अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) 'पशु उपेक्षित हो रहे हैं' — इस कथन का क्या आशय है ?
(ङ) गद्यांश के अनुसार एक मानवीय समाज की क्या पहचान है ?

प्रश्न 2. निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

जो बोते हैं बीज अँधेरे में, उनके हाथ ही रोशनी देते हैं।
बैल जोतता जो खेत सुबह से, उसका श्रम ही फसल बनाता है।।

मेहनत का कोई मोल नहीं, जो जी-तोड़ कर काम करे वो।
पसीने की हर बूँद है सोना, धरती को जो सींच कर भरे वो।।

किसान की आँखें खेत में बोलें, पशु की आँखें प्रेम में डोलें।
दोनों मिलकर जीवन रचते हैं, दोनों मिलकर धरती को ढोलें।।

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) 'पसीने की हर बूँद है सोना' — इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है ? (अ) अनुप्रास (ब) यमक (स) रूपक (द) उपमा
(ख) कविता का मुख्य भाव क्या है ? (अ) किसान और पशु की मित्रता (ब) परिश्रम ही जीवन का आधार है (स) बीज बोने का महत्त्व (द) सोने की कीमत
(ग) 'दोनों मिलकर जीवन रचते हैं' — 'दोनों' से किसका संकेत है ? (अ) दो बैलों का (ब) दो किसानों का (स) किसान और पशु का (द) माँ और बेटे का

(ii) लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) 'अँधेरे में बीज बोना' — इस पंक्ति का प्रतीकार्थ लिखिए।
(ङ) कविता में मेहनत को 'सोना' क्यों कहा गया है ?

खंड-ख : व्यावहारिक व्याकरण (कुल अंक – 16)
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से किन्हीं चार के उत्तर दीजिए — [1×4=4 अंक]

(i) उपसर्ग पहचानकर लिखिए : (1) अनुकूल (2) सुयोग्य (3) अभिमान
(ii) प्रत्यय पहचानकर लिखिए : (1) किसानी (2) मानवीय

प्रश्न 4. निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्द का भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) झूरी के दोनों बैल बहुत सुंदर थे। (रेखांकित : 'सुंदर')
(2) हीरा ने मोती से कहा। (रेखांकित : 'मोती')
(3) वह तेज़ दौड़ा। (रेखांकित : 'तेज़')
(4) झूरी खुश हो गया। (रेखांकित : 'खुश')
(5) दोनों बैल भाग गए। (रेखांकित : 'दोनों')

प्रश्न 5. निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ की दृष्टि से भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) हीरा और मोती घर आ गए।
(2) क्या तुमने हीरा को देखा?
(3) चुप रहो, शोर मत करो।
(4) काश! मैं भी स्वतंत्र होता।
(5) यदि बैल न भागते तो पकड़े जाते。

प्रश्न 6. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों में अलंकार पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) 'मुख मयंक-सा सुंदर है।'
(2) 'कनक कनक ते सौ गुनी, मादकता अधिकाय।'
(3) 'चारू चंद्र की चंचल किरणें।'
(4) 'माता का वह आँचल-सा प्यार।'
(5) 'रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।'

खंड-ग : पाठ्यपुस्तक (कुल अंक – 30)
प्रश्न 7 (क). पठित गद्यांश पर आधारित प्रश्न : [1×5=5 अंक]

"जानवरों में गधा सबसे ज़्यादा बुद्धिहीन समझा जाता है। हम जब किसी आदमी को परले दरजे का बेवकूफ कहना चाहते हैं, तो उसे गधा कहते हैं। गधा सचमुच बेवकूफ है, या उसके सीधेपन, उसकी निरापद सहिष्णुता ने उसे यह पदवी दे दी है, इसका निश्चय नहीं। गायें सींग मारती हैं, ब्याई हुई गाय तो अनायास ही सिंहनी का रूप धारण कर लेती है। कुत्ता भी कभी-कभी क्रोध आ ही जाता है; किंतु गधे को कभी क्रोध करते नहीं सुना, न देखा। सदगुणों का इतना अनादर कहीं नहीं देखा। इसी से मिलता-जुलता एक और जानवर है जिसे हम बैल कहते हैं। यह बेचारा गधे का छोटा भाई है।"

(1) गधे को 'बुद्धिहीन' कहे जाने का क्या कारण बताया गया है ? (अ) वह काम नहीं करता (ब) उसका सीधापन और असीम सहनशीलता (स) वह आलसी है (द) वह शोर करता है
(2) गाय को 'सिंहनी' क्यों कहा गया ? (अ) वह बड़ी होती है (ब) ब्याई गाय कभी-कभी उग्र हो जाती है (स) गाय सबसे बड़ा जानवर है (द) गाय को गुस्सा नहीं आता
(3) 'बैल गधे का छोटा भाई है' — लेखक ने ऐसा क्यों कहा ? (अ) बैल गधे से छोटा होता है (ब) बैल भी सहनशील है पर कभी-कभी असंतोष दिखाता है (स) दोनों खेत में काम करते हैं (द) दोनों एक साथ रहते हैं
(4) 'सदगुणों का इतना अनादर' — लेखक किस बात पर व्यंग्य कर रहे हैं ? (अ) गधे की मूर्खता पर (ब) गुणवान होने पर भी उपेक्षित होने की विडंबना पर (स) गाय की उग्रता पर (द) बैल की कमज़ोरी पर
(5) गद्यांश की भाषा-शैली कैसी है ? (अ) औपचारिक और शुष्क (ब) काव्यात्मक (स) व्यंग्यात्मक और सरल बोलचाल की (द) कठिन और तकनीकी

प्रश्न 7 (ख). अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 20-30 शब्द) [2×3=6 अंक]

(1) हीरा और मोती की मित्रता की कौन-सी विशेषता सबसे अधिक प्रभावशाली है ? कारण सहित बताइए।
(2) काँजीहाउस में हीरा ने किस प्रकार अन्य पशुओं की सहायता की ?
(3) झूरी की स्त्री ने बैलों को 'नमकहराम' कहा — क्या यह उचित था ?

प्रश्न 7 (ग). लघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 60-80 शब्द) [3×3=9 अंक] (चार में से तीन के उत्तर)

(1) 'दो बैलों की कथा' में प्रेमचंद ने पशुओं को स्वतंत्रता-संग्राम का प्रतीक कैसे बनाया है ?
(2) कहानी में भैरो की बेटी का क्या महत्त्व है ? उसने बैलों के जीवन में क्या भूमिका निभाई ?
(3) हीरा और मोती के चरित्र की भिन्नता और उनकी पूरकता को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए。
(4) कहानी में गया और झूरी के व्यवहार की तुलना करते हुए बताइए कि प्रेम और अत्याचार का बैलों पर क्या प्रभाव पड़ा ?

प्रश्न 7 (घ). दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 120-150 शब्द) [5×2=10 अंक]

(I) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(i) 'दो बैलों की कथा' में हीरा और मोती की मित्रता को स्वतंत्रता संग्राम से जोड़कर विस्तार से समझाइए。
अथवा (ii) इस कहानी में प्रेमचंद ने पशुओं के माध्यम से किन मानवीय मूल्यों को उजागर किया है ? उदाहरण सहित लिखिए।

(II) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(iii) काँजीहाउस प्रसंग की विस्तार से व्याख्या कीजिए और बताइए कि इससे कहानी का मूल संदेश कैसे उभरता है。
अथवा (iv) प्रेमचंद की भाषा-शैली और कथा-तकनीक का विश्लेषण करते हुए बताइए कि यह कहानी आज भी क्यों प्रासंगिक है।

खंड-घ : रचनात्मक लेखन (कुल अंक – 20)
प्रश्न 8. अनुच्छेद लिखिए : [5 अंक]

(क) पशु-प्रेम : मानवता की पहचान (संकेत-बिंदु : पशुओं का महत्त्व • उनके प्रति क्रूरता का विरोध • प्रेमचंद का दृष्टिकोण • हमारी जिम्मेदारी)
अथवा
(ख) मित्रता का सच्चा स्वरूप (संकेत-बिंदु : सच्ची मित्रता की परिभाषा • हीरा-मोती जैसा साथ • विपत्ति में मित्र की पहचान • जीवन में मित्रता का महत्त्व)

प्रश्न 9. अनौपचारिक पत्र लिखिए : [5 अंक]

(क) अपने मित्र को पत्र लिखिए जिसमें आप 'दो बैलों की कथा' पढ़कर हीरा-मोती की मित्रता से प्रेरणा लेकर अपने विचार व्यक्त करें。
अथवा
(ख) अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए जिसमें आप विद्यालय में 'पशु-संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम' आयोजित करने का सुझाव दें。

प्रश्न 10. संवाद लेखन : [5 अंक]

(क) 'दो बैलों की कथा' की भावना को आधार बनाकर दो छात्रों के बीच संवाद लिखिए — एक 'स्वतंत्रता के लिए संघर्ष' के पक्ष में बोले, दूसरा 'सहनशीलता' पर जोर दे。
अथवा
(ख) हीरा और मोती के बीच उस समय का संवाद लिखिए जब वे गया के घर से भागने की योजना बना रहे थे。

प्रश्न 11. सूचना लेखन : [5 अंक]

(क) आपके विद्यालय में 'प्रेमचंद जन्म-दिवस' (31 जुलाई) पर एक साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित होने वाला है। इसके लिए एक सूचना लिखिए。
अथवा
(ख) विद्यालय की पत्रिका के लिए 'पशु-प्रेम' विषय पर रचनाएँ आमंत्रित करने हेतु एक सूचना लिखिए。

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पाठ 2 : क्या लिखूँ? (पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी)

खंड-क : अपठित बोध (कुल अंक – 14)
प्रश्न 1. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

लेखन एक अद्भुत कला है। जब लेखक कलम उठाता है तो वह केवल शब्द नहीं लिखता — वह अपने मन की गहराइयों को उड़ेलता है। महान लेखकों ने कहा है कि लेखन आत्मा की अभिव्यक्ति है। परंतु हर व्यक्ति के लिए लिखना इतना आसान नहीं होता। कुछ लोग लिखते-लिखते रुक जाते हैं — विषय नहीं सूझता, शब्द नहीं मिलते। इसे 'राइटर्स ब्लॉक' कहते हैं। यह स्थिति किसी भी लेखक के जीवन में आ सकती है, चाहे वह अनुभवी हो या नया। अच्छे लेखन के लिए तीन बातें आवश्यक हैं — पहली : विषय की गहरी समझ, दूसरी : भाषा पर अधिकार, और तीसरी : अभिव्यक्ति की इच्छाशक्ति। जब ये तीनों मिलती हैं, तभी उत्तम लेखन होता है। हिंदी साहित्य में निबंध-विधा का विशेष महत्त्व है क्योंकि यह लेखक के व्यक्तित्व को सीधे पाठक तक पहुँचाती है。

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) 'राइटर्स ब्लॉक' का अर्थ है : (अ) लिखने की तेज़ गति (ब) लिखते समय विषय या शब्द न सूझना (स) लेखन का अभ्यास (द) लेखक का आलस्य
(ख) उत्तम लेखन के लिए किन तीन बातों की आवश्यकता है ? (अ) शिक्षा, धन और समय (ब) विषय की समझ, भाषा पर अधिकार, अभिव्यक्ति की इच्छा (स) कलम, कागज और प्रेरणा (द) प्रशिक्षण, अभ्यास और पुस्तकें
(ग) निबंध-विधा का विशेष महत्त्व क्यों है ? (अ) यह बहुत छोटी होती है (ब) यह लेखक के व्यक्तित्व को सीधे पाठक तक पहुँचाती है (स) इसमें कहानी होती है (द) यह सबसे सरल विधा है

(ii) अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) 'केवल नियमों को जानना पर्याप्त नहीं' — इस कथन का क्या तात्पर्य है ?
(ङ) गद्यांश के आधार पर बताइए कि लेखन को आत्मा की अभिव्यक्ति क्यों कहा जाता है ?

प्रश्न 2. निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

शब्दों में जादू होता है,
जो दिल की बात कह देते हैं।
कलम उठाओ, लिखना सीखो,
जो मन में है वो बह जाते हैं।।

विचार हैं अनगिन मन में,
उन्हें शब्दों में ढालो।
लिखते-लिखते राह मिलेगी,
बस कलम को रोको न, पालो।।

निबंध हो, कहानी हो,
या कविता मन की।
हर विधा में खुद को खोजो,
यही है रीत लेखन की।।

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) 'शब्दों में जादू होता है' — यहाँ कौन-सा अलंकार है ? (अ) उपमा (ब) यमक (स) मानवीकरण (द) अनुप्रास
(ख) 'लिखते-लिखते राह मिलेगी' — इस पंक्ति का क्या संदेश है ? (अ) रास्ता मिल जाएगा (ब) लगातार लिखने से ही सही दिशा और शैली मिलती है (स) जल्दी लिखना चाहिए (द) राह में लिखना चाहिए
(ग) कविता में किन लेखन-विधाओं का उल्लेख है ? (अ) केवल कविता (ब) निबंध और कहानी (स) निबंध, कहानी और कविता (द) केवल निबंध

(ii) लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) 'विचार हैं अनगिन मन में, उन्हें शब्दों में ढालो' — इन पंक्तियों का भाव लिखिए。
(ङ) 'हर विधा में खुद को खोजो' — इस पंक्ति का क्या अर्थ है ?

खंड-ख : व्यावहारिक व्याकरण (कुल अंक – 16)
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से किन्हीं चार के उत्तर दीजिए — [1×4=4 अंक]

(i) उपसर्ग पहचानकर लिखिए : (1) प्रतिष्ठा (2) अनुभव (3) निर्गुण
(ii) प्रत्यय पहचानकर लिखिए : (1) लेखकीय (2) हँसाई

प्रश्न 4. निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्द का भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) बख्शी जी प्रसिद्ध निबंधकार थे। (रेखांकित : 'प्रसिद्ध')
(2) नमिता ने निबंध माँगा। (रेखांकित : 'नमिता')
(3) वह शीघ्र लिखते थे। (रेखांकित : 'शीघ्र')
(4) मेरा मन विचारों से भरा था। (रेखांकित : 'मेरा')
(5) दो विषयों पर लिखना था। (रेखांकित : 'दो')

प्रश्न 5. निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ की दृष्टि से भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) बख्शी जी ने निबंध लिखा।
(2) क्या आप निबंध लिख सकते हैं?
(3) काश! मैं अच्छा निबंध लिख सकता।
(4) निबंध में मुख्य बात यही है कि भाव स्पष्ट हों।
(5) यदि विषय सूझे तो निबंध जरूर लिखूँगा।

प्रश्न 6. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों में अलंकार पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) 'माता का वह वात्सल्य-सा प्यार।'
(2) 'कनक कनक ते सौ गुनी मादकता।'
(3) 'चारू चंद्र की चंचल किरणें।'
(4) 'रहिमन पानी राखिए।'
(5) 'मुख मयंक-सा सुंदर है।'

खंड-ग : पाठ्यपुस्तक (कुल अंक – 30)
प्रश्न 7 (क). पठित गद्यांश पर आधारित प्रश्न : [1×5=5 अंक]

"मुझे आज लिखना ही पड़ेगा। अंग्रेजी के प्रसिद्ध निबंध-लेखक ए.जी. गार्डिनर का कथन है कि लिखने की एक विशेष मानसिक स्थिति होती है। उस समय मन में कुछ ऐसी उमंग-सी उठती है, हृदय में कुछ ऐसी स्फूर्ति-सी आती है कि लेख लिखना ही पड़ता है। उस समय विषय की चिंता नहीं रहती। कोई भी विषय हो, उसमें हम अपने हृदय के आवेग को भर ही देते हैं। हैट टाँगने के लिए कोई भी खूँटी काम दे सकती है।"

(1) ए.जी. गार्डिनर किस भाषा के प्रसिद्ध निबंध-लेखक हैं ? (अ) हिंदी (ब) फ्रेंच (स) अंग्रेजी (द) जर्मन
(2) 'हैट टाँगने की खूँटी' — यह किसका प्रतीक है ? (अ) लेखन के नियमों का (ब) विषय मात्र एक आधार है, असली भाव है (स) गार्डिनर की टोपी का (द) निबंध की शैली का
(3) लेखक के अनुसार लेखन की सबसे अच्छी अवस्था कब होती है ? (अ) जब विषय अच्छा हो (ब) जब मन में उमंग और स्फूर्ति हो (स) जब परीक्षा हो (द) जब समय हो
(4) 'विषय की चिंता नहीं रहती' — इसका क्या अर्थ है ? (अ) लेखक को विषय से मतलब नहीं (ब) जब भावावेग हो तो कोई भी विषय उपयुक्त होता है (स) विषय महत्त्वपूर्ण नहीं (द) लेखक उदासीन हो जाता है
(5) गद्यांश की भाषा-शैली क्या है ? (अ) औपचारिक (ब) हास्य-व्यंग्यात्मक, आत्मपरक (स) काव्यात्मक (द) तकनीकी

प्रश्न 7 (ख). अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 20-30 शब्द) [2×3=6 अंक]

(1) 'क्या लिखूँ?' निबंध में लेखक को किन दो विषयों पर निबंध लिखना था और उन्हें क्या कठिनाइयाँ आईं ?
(2) गार्डिनर के लेखन-सिद्धांत और बख्शी जी की स्थिति में क्या अंतर है ?
(3) 'हैट टाँगने की खूँटी' — उदाहरण से लेखक ने निबंध-लेखन के बारे में क्या बताया ?

प्रश्न 7 (ग). लघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 60-80 शब्द) [3×3=9 अंक] (चार में से तीन के उत्तर)

(1) इस निबंध की हास्य-व्यंग्यात्मक शैली की विशेषताएँ बताइए। उदाहरण सहित।
(2) 'क्या लिखूँ?' निबंध की आत्मपरक (First Person) शैली के क्या लाभ हैं ?
(3) गार्डिनर का 'भाव पहले, विषय बाद' सिद्धांत — क्या आप इससे सहमत हैं ? तर्क सहित लिखिए。
(4) बख्शी जी ने हिंदी निबंध-परंपरा में क्या योगदान दिया है ?

प्रश्न 7 (घ). दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 120-150 शब्द) [5×2=10 अंक]

(I) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(i) 'क्या लिखूँ?' निबंध की आत्मपरक शैली और हास्य-व्यंग्य की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए बताइए कि यह निबंध पाठक को क्यों रोचक लगता है।
अथवा (ii) 'हैट टाँगने की खूँटी' की उपमा के माध्यम से लेखन के विषय में बख्शी जी ने क्या मौलिक दृष्टि दी है ?

(II) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(iii) इस निबंध में निबंध-लेखन के जितने सिद्धांतों का उल्लेख है, उनकी समीक्षा कीजिए。
अथवा (iv) पदुमलाल बख्शी के इस निबंध से आप लेखन के बारे में क्या-क्या सीख सकते हैं ?

खंड-घ : रचनात्मक लेखन (कुल अंक – 20)
प्रश्न 8. अनुच्छेद लिखिए : [5 अंक]

(क) लेखन : एक अद्भुत कला (संकेत-बिंदु : लेखन का महत्त्व • भाव और भाषा • हिंदी निबंध-परंपरा • लिखने का जुनून)
अथवा
(ख) हास्य साहित्य की उपयोगिता (संकेत-बिंदु : हास्य और व्यंग्य क्या है • जीवन में हास्य का महत्त्व • बख्शी जी की शैली • समाज को आईना)

प्रश्न 9. अनौपचारिक पत्र लिखिए : [5 अंक]

(क) अपने मित्र को पत्र लिखिए जिसमें आप 'क्या लिखूँ?' निबंध पढ़कर बख्शी जी की हास्य-शैली की प्रशंसा करें。
अथवा
(ख) अपने हिंदी शिक्षक को पत्र लिखिए जिसमें निबंध-लेखन में आने वाली कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए सुझाव माँगें。

प्रश्न 10. संवाद लेखन : [5 अंक]

(क) बख्शी जी और उनकी पुत्री नमिता के बीच संवाद लिखिए जब नमिता 'दूर के ढोल सुहावने' पर निबंध लिखने को कहती है。
अथवा
(ख) दो छात्रों के बीच संवाद लिखिए — एक गार्डिनर के सिद्धांत के पक्ष में बोले, दूसरा विषय की महत्ता पर。

प्रश्न 11. सूचना लेखन : [5 अंक]

(क) विद्यालय में 'हिंदी निबंध-प्रतियोगिता' के आयोजन की सूचना लिखिए。
अथवा
(ख) विद्यालय पत्रिका हेतु निबंध आमंत्रित करने की सूचना लिखिए。

पाठ 3 : संवादहीन (शेखर जोशी)

खंड-क : अपठित बोध (कुल अंक – 14)
प्रश्न 1. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

वृद्धावस्था जीवन की वह संध्या है जब मनुष्य को सबसे अधिक साथ और सहारे की जरूरत होती है। परंतु आधुनिक जीवन की भागदौड़ में परिवार बिखरते जा रहे हैं। बच्चे पढ़-लिखकर शहरों में चले जाते हैं और बूढ़े माता-पिता अकेले घर में रह जाते हैं। यह एकाकीपन वृद्धों के लिए बहुत कष्टकारी होता है। उनके पास अनुभव का खज़ाना होता है, जीवन की कहानियाँ होती हैं — परंतु सुनने वाला कोई नहीं। धीरे-धीरे वे अवसाद के शिकार हो जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या और भी गहरी है। पलायन के कारण गाँव सूने हो रहे हैं। जो बड़े-बूढ़े गाँव में रह जाते हैं उनका जीवन बहुत कठिन हो जाता है। हमें अपने बुजुर्गों को समय देना होगा, उनसे बात करनी होगी। उनका अनुभव और ममता हमारे लिए अमूल्य है。

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) 'वृद्धावस्था जीवन की संध्या है' — यहाँ कौन-सा अलंकार है ? (अ) उपमा (ब) रूपक (स) उत्प्रेक्षा (द) अतिशयोक्ति
(ख) वृद्धों की मुख्य समस्या क्या बताई गई है ? (अ) बीमारी और कमजोरी (ब) एकाकीपन और सुनने वाले का न होना (स) भोजन की कमी (द) पैसों की कमी
(ग) गाँव सूने क्यों हो रहे हैं ? (अ) प्राकृतिक आपदाओं से (ब) बाढ़ से (स) पलायन के कारण (द) युद्ध के कारण

(ii) अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) 'पलायन' का वृद्धों पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
(ङ) हम अपने बुजुर्गों की मदद किस प्रकार कर सकते हैं ?

प्रश्न 2. निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

घर था भरा-पूरा कभी,
बच्चों की किलकारी थी।
अब सूना आँगन रोता है,
दीवारें भी उदास बेचारी थी।।

बूढ़ी माँ बैठी चुप-चाप,
यादों की माला फेरती।
आँखें पोंछती बार-बार,
कोई आए — राह निहेरती।।

तोता जब बोले राम-राम,
मन को थोड़ा सहारा मिले।
एकाकीपन के इस जग में,
उससे थोड़ी रोशनी मिले।।

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) 'सूना आँगन रोता है' — यहाँ कौन-सा अलंकार है ? (अ) उपमा (ब) यमक (स) मानवीकरण (द) अनुप्रास
(ख) बूढ़ी माँ क्या कर रही है ? (अ) खाना बना रही है (ब) यादों की माला फेरते हुए किसी के आने की राह देख रही है (स) सो रही है (द) गाना गा रही है
(ग) तोते का उल्लेख किसके प्रतीक के रूप में है ? (अ) धर्म का (ब) एकाकीपन में साथ और सहारे का (स) कोलाहल का (द) प्रकृति का

(ii) लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) 'घर था भरा-पूरा कभी' — इन पंक्तियों में कवि ने क्या दर्शाया है ?
(ङ) कविता का मूल संदेश क्या है ?

खंड-ख : व्यावहारिक व्याकरण (कुल अंक – 16)
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से किन्हीं चार के उत्तर दीजिए — [1×4=4 अंक]

(i) उपसर्ग पहचानकर लिखिए : (1) प्रतिकूल (2) विलग (3) अभाव
(ii) प्रत्यय पहचानकर लिखिए : (1) एकाकीपन (2) ग्रामीण

प्रश्न 4. निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्द का भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) ताई ने मिट्ठू को पाला था। (रेखांकित : 'ताई')
(2) वह प्यारा-सा तोता था। (रेखांकित : 'प्यारा-सा')
(3) मिट्ठू तेज़ बोलता था। (रेखांकित : 'तेज़')
(4) ताई को मिट्ठू की बहुत याद आती थी। (रेखांकित : 'बहुत')
(5) वह उनका साथी था। (रेखांकित : 'वह')

प्रश्न 5. निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ की दृष्टि से भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) ताई ने मिट्ठू को दाना दिया।
(2) क्या मिट्ठू बोल सकता है?
(3) काश! बेटे घर आ जाते।
(4) शोर मत करो, चुप रहो।
(5) यदि बेटे आते तो ताई खुश होतीं。

प्रश्न 6. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों में अलंकार पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) 'ताई का घर सूने खंडहर-सा था।'
(2) 'मिट्ठू मानो ताई का पुत्र ही हो।'
(3) 'मधुर मधुर मिट्ठू की आवाज़।'
(4) 'रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।'
(5) 'सूना घर काटने को दौड़ता था।'

खंड-ग : पाठ्यपुस्तक (कुल अंक – 30)
प्रश्न 7 (क). पठित गद्यांश पर आधारित प्रश्न : [1×5=5 अंक]

"गहरी साँस लेकर ताई कहतीं, "भगवान! कैसे नैया पार लगेगी?" और बंद पिंजड़े में अपने पंखों को फड़फड़ाता, उछल-कूद मचाता मिट्ठू उत्तर देता, "राम-राम कहो, सीताराम कहो।" ताई दुहरातीं — सीताराम! सीताराम! ताई और मिट्ठू। मिट्ठू और ताई। अब ये ही दो प्राणी गाँव के बीच में स्थित बड़े घर के उस सूने खंडहर में एक-दूसरे को सहारा देने के लिए रह गए थे।"

(1) ताई क्या कहकर आहें भरती थीं ? (अ) 'राम-राम' (ब) 'भगवान! कैसे नैया पार लगेगी?' (स) 'मिट्ठू बात करो' (द) 'बेटे कब आएँगे?'
(2) मिट्ठू ताई की बात का क्या उत्तर देता था ? (अ) 'हाँ माँ' (ब) 'चुप रहो' (स) 'राम-राम कहो, सीताराम कहो' (द) 'ठीक हो जाएगा'
(3) 'सूना खंडहर' किसका प्रतीक है ? (अ) टूटे-फूटे घर का (ब) ताई के अकेलेपन और खाली जीवन का (स) पुरानी इमारत का (द) गाँव की गरीबी का
(4) ताई के घर को 'खंडहर' क्यों कहा गया ? (अ) बाढ़ से टूट गया था (ब) परिवार के सदस्य चले गए, घर सूना था (स) मरम्मत नहीं हुई (द) मिट्ठू ने तोड़ दिया
(5) 'नैया पार लगाना' मुहावरे का अर्थ है : (अ) नाव चलाना (ब) जीवन संभालना, समस्या हल करना (स) नदी पार करना (द) यात्रा करना

प्रश्न 7 (ख). अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 20-30 शब्द) [2×3=6 अंक]

(1) 'संवादहीन' कहानी का शीर्षक इसके विषय को कैसे प्रकट करता है ?
(2) मिट्ठू का ताई के जीवन में क्या महत्त्व था ?
(3) बेटों के शहर जाने से ताई और गाँव पर क्या प्रभाव पड़ा ?

प्रश्न 7 (ग). लघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 60-80 शब्द) [3×3=9 अंक] (चार में से तीन के उत्तर)

(1) 'संवादहीन' कहानी आधुनिक समाज की किन विसंगतियों को उजागर करती है ?
(2) ताई के चरित्र की विशेषताएँ लिखिए। वे आपको किस प्रकार प्रेरित करती हैं ?
(3) मानव-पशु संबंध को 'संवादहीन' कहानी किस प्रकार चित्रित करती है ?
(4) शेखर जोशी ने इस कहानी में भाषा और शिल्प का किस प्रकार उपयोग किया है ?

प्रश्न 7 (घ). दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 120-150 शब्द) [5×2=10 अंक]

(I) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(i) 'संवादहीन' कहानी समकालीन जीवन की किन विसंगतियों को उजागर करती है ? ताई की स्थिति के आधार पर विस्तार से लिखिए。
अथवा (ii) ताई के एकाकीपन का मिट्ठू ने किस प्रकार साथ दिया ? इस संबंध की मार्मिकता समझाइए。

(II) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(iii) पलायन की समस्या पर 'संवादहीन' के आलोक में विचार कीजिए और समाधान सुझाइए。
अथवा (iv) 'संवादहीन' शीर्षक की सार्थकता सिद्ध कीजिए。

खंड-घ : रचनात्मक लेखन (कुल अंक – 20)
प्रश्न 8. अनुच्छेद लिखिए : [5 अंक]

(क) वृद्धों का सम्मान : हमारी जिम्मेदारी (संकेत-बिंदु : बुजुर्गों का महत्त्व • एकाकीपन की पीड़ा • परिवार की भूमिका • संस्कारों की आवश्यकता)
अथवा
(ख) पलायन : गाँव का दर्द (संकेत-बिंदु : पलायन क्या है • कारण • प्रभाव • समाधान)

प्रश्न 9. अनौपचारिक पत्र लिखिए : [5 अंक]

(क) अपनी दादी को पत्र लिखिए जिसमें उन्हें गाँव छोड़कर अपने पास आ जाने का अनुरोध करें。
अथवा
(ख) अपने पिताजी को पत्र लिखिए जिसमें दादा-दादी की देखभाल के लिए विशेष व्यवस्था करने का आग्रह करें。

प्रश्न 10. संवाद लेखन : [5 अंक]

(क) एक नई पीढ़ी के बच्चे और उसकी दादी के बीच संवाद लिखिए जो 'संवादहीन' कहानी के एकाकीपन की समस्या पर केंद्रित हो。
अथवा
(ख) ताई और उनके बेटे के बीच फोन पर संवाद लिखिए जब बेटा महीनों बाद फोन करता है。

प्रश्न 11. सूचना लेखन : [5 अंक]

(क) विद्यालय में 'वृद्धाश्रम भ्रमण' के लिए एक सूचना लिखिए。
अथवा
(ख) विद्यालय में 'वृद्धजन सम्मान दिवस' कार्यक्रम की सूचना लिखिए。

```

पाठ 4 : ऐसी भी बातें होती हैं (यतींद्र मिश्र)

खंड-क : अपठित बोध (कुल अंक – 14)
प्रश्न 1. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

संगीत मनुष्य की आत्मा की भाषा है। जब शब्द कम पड़ जाते हैं, तो संगीत बोलता है। भारतीय संगीत परंपरा विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध परंपराओं में से एक है। यहाँ संगीत को ईश्वर की उपासना का माध्यम माना जाता है। किसी भी महान कलाकार के जीवन में उसके गुरु और परिवार की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण होती है। लता मंगेशकर के संगीत जीवन में उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की छत्रछाया थी। मात्र पाँच वर्ष की आयु में पिता से संगीत सीखना और फिर जीवनपर्यंत उसे साधते रहना — यही उनकी महानता का रहस्य है। आज जब कला को व्यावसायिकता ने घेर लिया है, तब लता जी जैसी कलाकार की साधना प्रेरणास्पद है। उन्होंने कभी कला से समझौता नहीं किया। उनकी आवाज़ में जो पवित्रता थी, वह उनकी साधना और स्वाभिमान का फल थी।

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) संगीत को किसकी भाषा कहा गया है ? (अ) मन की (ब) आत्मा की (स) बुद्धि की (द) शरीर की
(ख) लता जी ने पिता से संगीत सीखना कब शुरू किया ? (अ) दस वर्ष में (ब) पाँच वर्ष में (स) बारह वर्ष में (द) सात वर्ष में
(ग) लता जी की आवाज़ में पवित्रता का क्या कारण था ? (अ) अच्छी शिक्षा (ब) साधना और कला से कभी समझौता न करना (स) प्रसिद्धि (द) धन-संपत्ति

(ii) अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) 'साधना' का जीवन में क्या महत्त्व है ? गद्यांश के आधार पर लिखिए।
(ङ) किसी महान कलाकार के विकास में परिवार की क्या भूमिका होती है ?

प्रश्न 2. निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

सुर में जब डूबे सारी दुनिया,
माँ सरस्वती प्रसन्न होती है।
आवाज़ की वो पावन धारा,
कोटि हृदय को सींच देती है।।

पिता का आशीष, गुरु की दीक्षा,
यही है कला की असली पूँजी।
लगन हो, साधना हो मन में,
तभी बजती है वो बाँसुरी।।

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) 'आवाज़ की पावन धारा' — यहाँ कौन-सा अलंकार है ? (अ) उपमा (ब) यमक (स) रूपक (द) अनुप्रास
(ख) 'कला की असली पूँजी' किसे कहा गया है ? (अ) धन और यश को (ब) पिता के आशीष और गुरु की दीक्षा को (स) मेहनत को (द) प्रसिद्धि को
(ग) 'तभी बजती है वो बाँसुरी' — बाँसुरी का बजना किसका प्रतीक है ? (अ) बाँसुरी खरीदने का (ब) साधना और लगन से सच्ची कला का प्रकट होना (स) संगीत सीखने का (द) भगवान कृष्ण का

(ii) लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) 'पिता का आशीष, गुरु की दीक्षा' — इन पंक्तियों में किस परंपरा का उल्लेख है ?
(ङ) कविता में साधना को 'कला की असली पूँजी' क्यों कहा गया है ?

खंड-ख : व्यावहारिक व्याकरण (कुल अंक – 16)
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से किन्हीं चार के उत्तर दीजिए — [1×4=4 अंक]

(i) उपसर्ग पहचानकर लिखिए : (1) संगीत (2) अभिनय (3) प्रसिद्ध
(ii) प्रत्यय पहचानकर लिखिए : (1) गायिका (2) संगीतकार

प्रश्न 4. निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्द का भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) लता जी महान गायिका हैं। (रेखांकित : 'महान')
(2) वे पाँच वर्ष में संगीत सीखने लगीं। (रेखांकित : 'पाँच')
(3) लता जी मधुर स्वर में गाती हैं। (रेखांकित : 'मधुर')
(4) उन्होंने कभी झुकना नहीं सीखा। (रेखांकित : 'उन्होंने')
(5) लता जी बचपन से गाती थीं। (रेखांकित : 'बचपन से')

प्रश्न 5. निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ की दृष्टि से भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) लता जी ने गाना गाया।
(2) क्या लता जी आज गाएँगी?
(3) काश! मैं भी इतना अच्छा गा सकता।
(4) सदा सच्ची साधना करते रहो।
(5) यदि लगन हो तो कला में महारत मिलती है।

प्रश्न 6. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों में अलंकार पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) 'लता जी की आवाज़ मानो कोयल बोल रही हो।'
(2) 'सुर सुरीले सदा सुनाओ।'
(3) 'उनकी आवाज़ अमृत की धारा है।'
(4) 'मुख मयंक-सा सुंदर है।'
(5) 'रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।'

खंड-ग : पाठ्यपुस्तक (कुल अंक – 30)
प्रश्न 7 (क). पठित गद्यांश पर आधारित प्रश्न : [1×5=5 अंक]

"यतींद्र मिश्र : आपके पिताजी पं. दीनानाथ मंगेशकर की वे कौन-सी स्मृतियाँ हैं, जो आज भी आपके स्मरण में जीवित हैं?
लता मंगेशकर : कई बातें हैं। जैसे हम लोग बचपन में जब बहुत शरारत करते थे, तब पिताजी सबको बुलाकर अपने सामने खड़ा करते थे। वे बस हमको गंभीरता से देखते थे और इतने में ही हमारा रोना शुरू हो जाता था। फिर वे कहते — 'जाओ, अब मत करना।' उनकी आँखें ही काफी थीं — न डाँट, न मार।"

(1) यतींद्र मिश्र ने पहला प्रश्न किस विषय पर पूछा ? (अ) संगीत करियर के बारे में (ब) पिता की यादों के बारे में (स) पुरस्कारों के बारे में (द) बचपन के मित्रों के बारे में
(2) पिताजी बच्चों को शरारत पर क्या करते थे ? (अ) बहुत डाँटते थे (ब) मारते थे (स) सबको बुलाकर गंभीरता से देखते थे (द) नजरअंदाज करते थे
(3) 'उनकी आँखें ही काफी थीं' — इस कथन का क्या अर्थ है ? (अ) वे अंधे थे (ब) पिताजी की गंभीर दृष्टि ही अनुशासन का काम करती थी (स) उनकी आँखें सुंदर थीं (द) वे हमेशा देखते रहते थे
(4) इस साक्षात्कार की भाषा-शैली कैसी है ? (अ) कठिन और औपचारिक (ब) सरल, बोलचाल की, आत्मीय और जीवंत (स) काव्यात्मक (द) तकनीकी
(5) साक्षात्कार में लता जी के किस गुण की झलक मिलती है ? (अ) अहंकार (ब) पिता के प्रति गहरा प्रेम और भावुकता (स) क्रोध (द) उदासीनता

प्रश्न 7 (ख). अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 20-30 शब्द) [2×3=6 अंक]

(1) लता मंगेशकर ने पिता से सबसे महत्त्वपूर्ण क्या सीखा ?
(2) 'ऐसी भी बातें होती हैं' — इस साक्षात्कार की क्या विशेषता है ?
(3) लता जी के पिता की नाटक कंपनी की क्या विशेषता थी ?

प्रश्न 7 (ग). लघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 60-80 शब्द) [3×3=9 अंक] (चार में से तीन के उत्तर)

(1) साक्षात्कार-विधा की विशेषताओं का उल्लेख 'ऐसी भी बातें होती हैं' के आधार पर कीजिए।
(2) लता मंगेशकर के जीवन में 'स्वाभिमान' कैसे प्रकट हुआ ? उदाहरण सहित लिखिए।
(3) लता जी के बचपन के अनुभव उनके संगीत पर कैसे प्रभाव डालते हैं ?
(4) इस पाठ के आधार पर बताइए कि एक अच्छा साक्षात्कार लेने के लिए क्या-क्या आवश्यक है।

प्रश्न 7 (घ). दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 120-150 शब्द) [5×2=10 अंक]

(I) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(i) लता मंगेशकर के जीवन में संगीत और परिवार के संबंध को 'ऐसी भी बातें होती हैं' के आधार पर विस्तार से समझाइए。
अथवा (ii) 'स्वाभिमान' लता मंगेशकर के जीवन में किस प्रकार प्रकट हुआ ? उनके स्वाभिमान से हम क्या सीख सकते हैं ?

(II) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(iii) साक्षात्कार-विधा को एक साहित्यिक विधा के रूप में इस पाठ के आधार पर सिद्ध कीजिए。
अथवा (iv) इस पाठ में दिखाई गई कला-साधना की भावना आज के युवाओं के लिए क्यों प्रासंगिक है ?

खंड-घ : रचनात्मक लेखन (कुल अंक – 20)
प्रश्न 8. अनुच्छेद लिखिए : [5 अंक]

(क) संगीत : आत्मा की भाषा (संकेत-बिंदु : संगीत का महत्त्व • भारतीय संगीत परंपरा • लता जी की साधना • संगीत और जीवन)
अथवा
(ख) स्वाभिमान : जीवन का आधार (संकेत-बिंदु : स्वाभिमान क्या है • लता जी का उदाहरण • झुकना और न झुकना • जीवन में स्वाभिमान)

प्रश्न 9. अनौपचारिक पत्र लिखिए : [5 अंक]

(क) अपने मित्र को पत्र लिखिए जिसमें आप लता मंगेशकर के साक्षात्कार से प्रेरित होकर संगीत सीखने की इच्छा व्यक्त करें。
अथवा
(ख) संगीत अकादमी के निदेशक को पत्र लिखिए जिसमें विद्यालय में संगीत-कार्यशाला आयोजित करने का अनुरोध करें。

प्रश्न 10. संवाद लेखन : [5 अंक]

(क) यतींद्र मिश्र और लता मंगेशकर के बीच संगीत-शिक्षा पर एक काल्पनिक संवाद लिखिए。
अथवा
(ख) दो मित्रों के बीच संवाद लिखिए जो लता जी के जीवन से प्रेरणा लेने की बात करें。

प्रश्न 11. सूचना लेखन : [5 अंक]

(क) विद्यालय में 'लता मंगेशकर जयंती संगीत समारोह' की सूचना लिखिए。
अथवा
(ख) विद्यालय में 'शास्त्रीय संगीत कार्यशाला' की सूचना लिखिए。

पाठ 5 : आखिरी चट्टान तक (मोहन राकेश)

खंड-क : अपठित बोध (कुल अंक – 14)
प्रश्न 1. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

यात्रा मनुष्य के जीवन का विस्तार है। जब हम नए स्थानों पर जाते हैं, तो हम न केवल नए भूगोल को देखते हैं, बल्कि स्वयं को भी नए दृष्टिकोण से देखते हैं। इसीलिए महान लेखकों और विचारकों ने यात्रा को आत्म-खोज का माध्यम बताया है। कन्याकुमारी भारत का दक्षिणतम बिंदु है। यहाँ तीन महासागरों — बंगाल की खाड़ी, हिंद महासागर और अरब सागर — का अद्भुत संगम होता है। इस संगम-स्थल पर खड़े होकर मनुष्य प्रकृति की विशालता और अपनी क्षुद्रता दोनों को एक साथ अनुभव करता है। स्वामी विवेकानंद ने यहाँ की चट्टान पर ध्यान लगाया था और भारत के भविष्य की रूपरेखा बनाई थी। उनकी यही चट्टान आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है।

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) यात्रा को किसका माध्यम बताया गया है ? (अ) धन कमाने का (ब) आत्म-खोज का (स) आनंद का (द) व्यापार का
(ख) कन्याकुमारी में कितने सागरों का संगम होता है ? (अ) दो (ब) चार (स) तीन (द) पाँच
(ग) स्वामी विवेकानंद ने कन्याकुमारी में क्या किया था ? (अ) तैराकी की (ब) चट्टान पर ध्यान लगाकर भारत के भविष्य की रूपरेखा बनाई (स) भाषण दिया (द) पर्यटन किया

(ii) अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) 'यात्रा मनुष्य के जीवन का विस्तार है' — इस कथन का क्या अर्थ है ?
(ङ) कन्याकुमारी का क्या विशेष महत्त्व है ?

प्रश्न 2. निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

चल निकल यायावर मन मेरे,
नए क्षितिज को छूने जा।
पहाड़ की ऊँचाई से देख,
सागर की गहराई को जा।।

हर चट्टान पर कुछ लिखा है,
प्रकृति का संदेश पढ़ ले।
विवेकानंद की चट्टान जैसा,
संकल्प का दीप जला ले।।

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) 'यायावर' का अर्थ है : (अ) घर में रहने वाला (ब) विद्यार्थी (स) निरंतर यात्रा करने वाला (द) किसान
(ख) 'हर चट्टान पर कुछ लिखा है' — इस पंक्ति का भाव है : (अ) चट्टानों पर लिखा जाता है (ब) प्रकृति की हर वस्तु हमें कुछ सिखाती है (स) चट्टान टूट जाती है (द) संदेश लिखना चाहिए
(ग) 'संकल्प का दीप जला ले' — यह किससे प्रेरणा लेने को कह रहा है ? (अ) मोहन राकेश से (ब) विवेकानंद की दृढ़-संकल्प साधना से (स) कन्याकुमारी के पर्यटकों से (द) सागर की लहरों से

(ii) लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) 'संकल्प का दीप जला ले' — इस पंक्ति का अर्थ लिखिए。
(ङ) कविता के आधार पर यात्रा के क्या-क्या लाभ बताए गए हैं ?

खंड-ख : व्यावहारिक व्याकरण (कुल अंक – 16)
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से किन्हीं चार के उत्तर दीजिए — [1×4=4 अंक]

(i) उपसर्ग पहचानकर लिखिए : (1) विस्तार (2) प्रयाण (3) अभियान
(ii) प्रत्यय पहचानकर लिखिए : (1) पर्यटक (2) यात्री

प्रश्न 4. निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्द का भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) विशाल सागर लहरा रहा था। (रेखांकित : 'विशाल')
(2) लेखक धीरे-धीरे चला। (रेखांकित : 'धीरे-धीरे')
(3) मैंने विवेकानंद चट्टान देखी। (रेखांकित : 'मैंने')
(4) तीन सागर यहाँ मिलते हैं। (रेखांकित : 'तीन')
(5) चट्टान पर बैठकर लेखक ने सोचा। (रेखांकित : 'पर')

प्रश्न 5. निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ की दृष्टि से भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) लेखक कन्याकुमारी गया।
(2) वहाँ का दृश्य कितना सुंदर था!
(3) काश! मैं भी वहाँ जा सकता।
(4) जीवन में अवश्य यात्राएँ करो।
(5) यदि समय हो तो कन्याकुमारी अवश्य जाओ।

प्रश्न 6. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों में अलंकार पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) 'सागर मानो आकाश को छूना चाहता हो।'
(2) 'लहर लहराती लाखों बार।'
(3) 'रेत मानो सोने की चादर बिछाए हो।'
(4) 'मुख मयंक-सा सुंदर है।'
(5) 'रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।'

खंड-ग : पाठ्यपुस्तक (कुल अंक – 30)
प्रश्न 7 (क). पठित गद्यांश पर आधारित प्रश्न : [1×5=5 अंक]

"कन्याकुमारी। सुनहले सूर्योदय और सूर्यास्त की भूमि। केप होटल के आगे बने बाथ टैंक के बाईं तरफ, समुद्र के अंदर से उभरी स्याह चट्टानों में से एक पर खड़ा होकर मैं देर तक भारत के स्थल-भाग की आखिरी चट्टान को देखता रहा। पृष्ठभूमि में कन्याकुमारी के मंदिर की लाल और सफेद लकीरें चमक रही थीं। समुद्र की लहरें एक के बाद एक चट्टान से टकरा रही थीं।"

(1) लेखक कन्याकुमारी में किस पर खड़ा था ? (अ) मंदिर की छत पर (ब) होटल की बालकनी पर (स) समुद्र से उभरी स्याह चट्टानों पर (द) बाथ टैंक के ऊपर
(2) 'भारत के स्थल-भाग की आखिरी चट्टान' — यह पंक्ति क्या बताती है ? (अ) यह टूटने वाली है (ब) यह भारत का दक्षिणतम बिंदु है (स) यह सबसे कमज़ोर है (द) यह एकमात्र चट्टान है
(3) 'स्याह' शब्द का अर्थ है : (अ) सुंदर (ब) ऊँचा (स) काला (द) चमकीला
(4) पृष्ठभूमि में क्या दिख रहा था ? (अ) केवल समुद्र (ब) मंदिर की लाल-सफेद लकीरें (स) नाविक (द) विवेकानंद स्मारक
(5) 'सुनहले सूर्योदय और सूर्यास्त की भूमि' — कन्याकुमारी को ऐसा क्यों कहा गया ? (अ) यहाँ सोना मिलता है (ब) यहाँ सूर्योदय-सूर्यास्त अद्भुत सुंदर होते हैं (स) यहाँ सूरज नहीं डूबता (द) यहाँ हर दिन मेला होता है

प्रश्न 7 (ख). अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 20-30 शब्द) [2×3=6 अंक]

(1) 'आखिरी चट्टान तक' यात्रा-वृत्तांत का शीर्षक इतना प्रभावशाली क्यों है ?
(2) कन्याकुमारी की यात्रा ने लेखक के मन को किस प्रकार प्रभावित किया ?
(3) विवेकानंद चट्टान का उल्लेख इस यात्रा-वृत्तांत में क्यों महत्त्वपूर्ण है ?

प्रश्न 7 (ग). लघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 60-80 शब्द) [3×3=9 अंक] (चार में से तीन के उत्तर)

(1) मोहन राकेश की यात्रा-वृत्तांत शैली की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
(2) यात्रा-वृत्तांत और सामान्य यात्रा-विवरण में क्या अंतर है ?
(3) लेखक ने कन्याकुमारी में सूर्यास्त का वर्णन किस प्रकार किया है ?
(4) कन्याकुमारी के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन कीजिए और उसका लेखक की मनोदशा पर क्या प्रभाव पड़ा ?

प्रश्न 7 (घ). दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 120-150 शब्द) [5×2=10 अंक]

(I) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(i) 'आखिरी चट्टान तक' में कन्याकुमारी के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन कीजिए और बताइए कि इसने लेखक को किस प्रकार प्रभावित किया。
अथवा (ii) मोहन राकेश की लेखनी की विशेषताओं का विश्लेषण 'आखिरी चट्टान तक' के आधार पर कीजिए。

(II) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(iii) विवेकानंद चट्टान का ऐतिहासिक-आध्यात्मिक महत्त्व क्या है ? इस पाठ के आधार पर लिखिए。
अथवा (iv) यात्रा साहित्य हिंदी साहित्य को किस प्रकार समृद्ध करता है ? इस पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए。

खंड-घ : रचनात्मक लेखन (कुल अंक – 20)
प्रश्न 8. अनुच्छेद लिखिए : [5 अंक]

(क) यात्रा : आत्म-खोज का मार्ग (संकेत-बिंदु : यात्रा का महत्त्व • नए अनुभव • प्रकृति से सीख • जीवन का विस्तार)
अथवा
(ख) कन्याकुमारी : भारत का गौरव (संकेत-बिंदु : तीन सागरों का संगम • विवेकानंद की प्रेरणा • प्राकृतिक सौंदर्य • पर्यटन का महत्त्व)

प्रश्न 9. अनौपचारिक पत्र लिखिए : [5 अंक]

(क) अपने मित्र को पत्र लिखिए जिसमें कन्याकुमारी की यात्रा करने की सलाह देते हुए वहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन करें。
अथवा
(ख) पर्यटन विभाग को पत्र लिखिए जिसमें विद्यार्थियों के लिए विशेष कन्याकुमारी पर्यटन पैकेज की माँग करें。

प्रश्न 10. संवाद लेखन : [5 अंक]

(क) कन्याकुमारी में दो पर्यटकों के बीच वहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य और विवेकानंद चट्टान पर संवाद लिखिए。
अथवा
(ख) मोहन राकेश और एक स्थानीय नाविक के बीच कन्याकुमारी के विषय में संवाद लिखिए。

प्रश्न 11. सूचना लेखन : [5 अंक]

(क) विद्यालय में 'कन्याकुमारी शैक्षिक यात्रा' के लिए एक सूचना लिखिए。
अथवा
(ख) विद्यालय में 'यात्रा-साहित्य लेखन प्रतियोगिता' की सूचना लिखिए。

```

पाठ 6 : रीढ़ की हड्डी (जगदीशचंद्र माथुर)

खंड-क : अपठित बोध (कुल अंक – 14)
प्रश्न 1. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

स्त्री-शिक्षा का प्रश्न भारतीय समाज के लिए युगों से महत्त्वपूर्ण रहा है। आज़ादी के पहले जब लड़कियों को पढ़ने-लिखने का अधिकार नहीं था, तब भी सावित्रीबाई फुले, पंडिता रमाबाई जैसी महान महिलाओं ने स्त्री-शिक्षा का बीड़ा उठाया।आज भारत में साक्षरता दर बढ़ी है और लड़कियाँ हर क्षेत्र में आगे आ रही हैं — विज्ञान, चिकित्सा, प्रशासन, खेल, कला। परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी स्थिति चिंताजनक है। बाल-विवाह, परिवार का दबाव और संसाधनों की कमी — ये बाधाएँ लड़कियों की शिक्षा में रुकावट डालती हैं।एक शिक्षित महिला न केवल स्वयं सशक्त होती है, बल्कि पूरे परिवार को सशक्त बनाती है। कहा जाता है — 'एक महिला को पढ़ाओ, एक परिवार को पढ़ाओ।' हमारे संविधान ने स्त्री-पुरुष को समान अधिकार दिए हैं — समय आ गया है कि हम इन्हें व्यवहार में भी उतारें।

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) स्त्री-शिक्षा के लिए संघर्ष करने वाली किन महिलाओं का उल्लेख है ? (अ) लता मंगेशकर, मीराबाई (ब) सावित्रीबाई फुले, पंडिता रमाबाई (स) झाँसी की रानी, दुर्गाबाई (द) महादेवी वर्मा, सुभद्रा कुमारी
(ख) ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की शिक्षा में क्या-क्या बाधाएँ हैं ? (अ) भाषा की समस्या (ब) बाल-विवाह, परिवार का दबाव, संसाधनों की कमी (स) शिक्षकों की कमी (द) सरकारी नीतियाँ
(ग) 'एक महिला को पढ़ाओ, एक परिवार को पढ़ाओ' — इस कथन का क्या आशय है ? (अ) एक महिला बहुत पढ़ती है (ब) महिला की शिक्षा पूरे परिवार को लाभ पहुँचाती है (स) परिवार में एक ही पढ़े (द) महिला और परिवार अलग हैं

(ii) अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) आज भारत में स्त्री-शिक्षा की क्या स्थिति है ?
(ङ) शिक्षित महिला परिवार और समाज को कैसे सशक्त बनाती है ?

प्रश्न 2. निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

बेटी नहीं बोझ है कोई,
बेटी तो है घर की रोशनी।
पढ़ी-लिखी हो, आगे बढ़े वो,
उसके हाथों में है हर खुशी।।

उमा-सी रीढ़ हो जिसकी,
वो न झुके, न टूटे कभी।
सच बोले, सीना तानकर,
दुनिया से डरे न वो कभी।।

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) 'बेटी तो है घर की रोशनी' — यहाँ कौन-सा अलंकार है ? (अ) उपमा (ब) यमक (स) रूपक (द) अनुप्रास
(ख) 'उमा-सी रीढ़' से क्या आशय है ? (अ) उमा की तरह कमज़ोर (ब) उमा जैसी दृढ़ता, साहस और स्वाभिमान (स) उमा की तरह चुप रहना (द) उमा की तरह घर में रहना
(ग) कविता का मुख्य संदेश क्या है ? (अ) बेटी बोझ है (ब) बेटी को घर में रखो (स) बेटियाँ शिक्षित और स्वाभिमानी होनी चाहिए (द) बेटे बेहतर होते हैं

(ii) लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) 'पढ़ी-लिखी हो, आगे बढ़े वो' — इन पंक्तियों का क्या संदेश है ?
(ङ) कविता में 'उमा' का उल्लेख प्रतीकात्मक क्यों है ?

खंड-ख : व्यावहारिक व्याकरण (कुल अंक – 16)
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से किन्हीं चार के उत्तर दीजिए — [1×4=4 अंक]

(i) उपसर्ग पहचानकर लिखिए : (1) सशक्त (2) अभिमान (3) निर्भय
(ii) प्रत्यय पहचानकर लिखिए : (1) स्त्रीत्व (2) शैक्षिक

प्रश्न 4. निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्द का भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) उमा साहसी लड़की है। (रेखांकित : 'साहसी')
(2) वह कॉलेज में पढ़ी है। (रेखांकित : 'वह')
(3) उमा ने स्पष्ट कहा। (रेखांकित : 'स्पष्ट')
(4) रामस्वरूप बहुत घबराए। (रेखांकित : 'बहुत')
(5) मुझे अपनी इज्जत का ख्याल है। (रेखांकित : 'मुझे')

प्रश्न 5. निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ की दृष्टि से भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) उमा पढ़ी-लिखी लड़की है。
(2) क्या तुम पढ़ी-लिखी हो?
(3) काश! मैं भी उमा जैसी होती。
(4) सदा सच बोलो और सिर उठाकर जियो。
(5) यदि उमा न बोलती तो सत्य छुपा रहता。

प्रश्न 6. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों में अलंकार पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) 'उमा की बात तीर-सी चुभी।'
(2) 'बेटी घर की रोशनी है।'
(3) 'सच सच सुनाती है उमा।'
(4) 'मुख मयंक-सा सुंदर है।'
(5) 'रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।'

खंड-ग : पाठ्यपुस्तक (कुल अंक – 30)
प्रश्न 7 (क). पठित गद्यांश पर आधारित प्रश्न : [1×5=5 अंक]

"(मामूली तरह से सजा हुआ एक कमरा। अंदर के दरवाजे से आते हुए जिन महाशय की पीठ नजर आ रही है, वे अधेड़ उम्र के मालूम होते हैं। एक तख्त को पकड़े हुए पीछे की ओर चलते-चलते कमरे में आते हैं।)
बाबू रामस्वरूप : अरे, इधर भी दो कदम बढ़ाओ। रतन को सारा बोझ मत दो। (रतन एक लड़का है जो दूसरा सिरा पकड़े है।)"

(1) एकांकी का आरंभ किस प्रकार के रंग-निर्देश से होता है ? (अ) बाहरी दृश्य से (ब) मामूली तरह से सजे कमरे के वर्णन से (स) युद्ध के मैदान से (द) विद्यालय के दृश्य से
(2) बाबू रामस्वरूप कौन हैं ? (अ) उमा के पिता (ब) गोपालप्रसाद के पिता (स) नाटककार (द) विद्यालय के शिक्षक
(3) 'रतन' कौन है ? (अ) बाबू रामस्वरूप का बेटा (ब) उनका नौकर (स) पड़ोसी (द) गोपालप्रसाद का बेटा
(4) 'अधेड़ उम्र' का अर्थ है : (अ) बहुत बूढ़ा (ब) युवा अवस्था (स) ढलती उम्र — न पूरा बूढ़ा न जवान (द) बचपन
(5) रंग-निर्देश का एकांकी में क्या महत्त्व होता है ? (अ) केवल सजावट के लिए (ब) पात्रों, वातावरण और परिवेश की जानकारी देने के लिए (स) पाठकों को बोर करने के लिए (द) निर्देशक को परेशान करने के लिए

प्रश्न 7 (ख). अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 20-30 शब्द) [2×3=6 अंक]

(1) 'रीढ़ की हड्डी' शीर्षक दो अलग-अलग पात्रों के लिए भिन्न अर्थ रखता है — स्पष्ट कीजिए।
(2) बाबू रामस्वरूप के चरित्र में अंतर्विरोध को स्पष्ट कीजिए।
(3) उमा के व्यक्तित्व की कौन-सी विशेषताएँ सबसे अधिक प्रभावित करती हैं और क्यों ?

प्रश्न 7 (ग). लघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 60-80 शब्द) [3×3=9 अंक] (चार में से तीन के उत्तर)

(1) 'रीढ़ की हड्डी' एकांकी की सामाजिक प्रासंगिकता आज के संदर्भ में क्या है ?
(2) गोपालप्रसाद और रामस्वरूप की मानसिकता की तुलना कीजिए।
(3) एकांकी में हास्य और व्यंग्य का किस प्रकार प्रयोग हुआ है ?
(4) उमा का अंतिम भाषण इस एकांकी का सबसे शक्तिशाली क्षण क्यों है ?

प्रश्न 7 (घ). दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 120-150 शब्द) [5×2=10 अंक]

(I) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(i) 'रीढ़ की हड्डी' एकांकी की नायिका उमा किस प्रकार एक सशक्त स्त्री चरित्र का प्रतिनिधित्व करती है ? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए。
अथवा (ii) इस एकांकी में पुरुषवादी मानसिकता को किस प्रकार उजागर किया गया है ?

(II) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(iii) 'रीढ़ की हड्डी' एकांकी समाज-सुधार का एक सशक्त माध्यम है — इस कथन को सिद्ध कीजिए。
अथवा (iv) जगदीशचंद्र माथुर की भाषा-शैली और नाटकीय कौशल का विश्लेषण कीजिए。

खंड-घ : रचनात्मक लेखन (कुल अंक – 20)
प्रश्न 8. अनुच्छेद लिखिए : [5 अंक]

(क) स्त्री-शिक्षा : समाज की नींव (संकेत-बिंदु : शिक्षा का महत्त्व • उमा का उदाहरण • महिलाओं की उपलब्धियाँ • भविष्य की राह)
अथवा
(ख) आत्मसम्मान : जीवन का आधार (संकेत-बिंदु : आत्मसम्मान क्या है • उमा की दृढ़ता • झुकना और न झुकना • जीवन में स्वाभिमान)

प्रश्न 9. अनौपचारिक पत्र लिखिए : [5 अंक]

(क) अपनी मित्री को पत्र लिखिए जिसमें 'रीढ़ की हड्डी' पढ़कर उमा के साहस की प्रशंसा करते हुए स्त्री-शिक्षा के महत्त्व पर विचार व्यक्त करें。
अथवा
(ख) समाज-कल्याण संस्था के अध्यक्ष को पत्र लिखिए जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में बालिका-शिक्षा अभियान चलाने का अनुरोध करें。

प्रश्न 10. संवाद लेखन : [5 अंक]

(क) उमा और उसकी सहेली के बीच उस दिन का संवाद लिखिए जब उमा गोपालप्रसाद को जवाब देकर लौटती है。
अथवा
(ख) रामस्वरूप और गोपालप्रसाद के बीच उमा की पढ़ाई को लेकर संवाद लिखिए。

प्रश्न 11. सूचना लेखन : [5 अंक]

(क) विद्यालय में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' नाटक प्रतियोगिता की सूचना लिखिए。
अथवा
(ख) विद्यालय में 'अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस' कार्यक्रम की सूचना लिखिए。

पाठ 7 : मैं और मेरा देश (कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर')

खंड-क : अपठित बोध (कुल अंक – 14)
प्रश्न 1. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

देशभक्ति केवल युद्ध में लड़ने में नहीं है। देशभक्ति का सबसे व्यापक अर्थ है — अपने देश के सम्मान की रक्षा करना, कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना और देश के विकास में योगदान देना। स्वामी रामतीर्थ जब जापान में थे, तो एक जापानी युवक ने उनके लिए दूर से फल लाकर भेंट किए और कहा — बस इतना मूल्य चाहिए कि आप वापस जाकर यह न कहें कि जापान में अच्छे फल नहीं मिलते। यह छोटी-सी बात उस युवक की गहरी देशभक्ति की सच्ची अभिव्यक्ति थी। हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह अपने देश की छवि विश्व में उज्ज्वल रखे। न केवल बड़े कार्यों से, बल्कि छोटे-छोटे व्यवहार से भी। जब हम सड़क पर गंदगी नहीं फेंकते, ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं — तब भी हम देशभक्ति करते हैं।

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) देशभक्ति का सबसे व्यापक अर्थ क्या बताया गया है ? (अ) केवल युद्ध में लड़ना (ब) नारे लगाना और झंडा फहराना (स) देश-सम्मान की रक्षा, कर्तव्य-पालन और विकास में योगदान (द) विदेश में पढ़ाई करना
(ख) जापानी युवक ने स्वामी रामतीर्थ को फल देकर क्या माँगा ? (अ) धन (ब) आशीर्वाद (स) यह न कहें कि जापान में अच्छे फल नहीं मिलते (द) कुछ नहीं माँगा
(ग) 'छोटे-छोटे व्यवहार से देशभक्ति' — इसके क्या उदाहरण दिए गए हैं ? (अ) भाषण देना और झंडा फहराना (ब) गंदगी न फेंकना, नियम मानना, देश की बुराई न करना (स) विदेश में पढ़ाई करना (द) सेना में भर्ती होना

(ii) अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) जापानी युवक की कहानी से हमें क्या सीख मिलती है ?
(ङ) 'मैं और मेरा देश दो अलग नहीं हैं' — इस कथन का क्या तात्पर्य है ?

प्रश्न 2. निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

जो देश को माँ मानता है,
वही सच्चा देशभक्त है।
छोटे कार्यों से भी करता,
वो देश का सम्मान रखत है।।

लाला लाजपत राय जैसा,
गौरव भारत का करो।
झंडा ऊँचा रखो सदा,
हर काम में देश को धरो।।

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) 'देश को माँ मानना' — यह किस भाव का प्रतीक है ? (अ) भय का (ब) आदर और प्रगाढ़ प्रेम का (स) उदासीनता का (द) व्यापार का
(ख) लाला लाजपत राय का उल्लेख कविता में क्यों किया गया है ? (अ) वे कवि थे (ब) वे देशभक्ति और राष्ट्र-गौरव के प्रतीक हैं (स) वे जापान गए थे (द) वे शिक्षाविद् थे
(ग) 'हर काम में देश को धरो' — इसका क्या संदेश है ? (अ) हमेशा काम करते रहो (ब) केवल सरकारी काम करो (स) प्रत्येक कार्य में देश का हित और सम्मान सोचो (द) देश के लिए युद्ध करो

(ii) लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) 'झंडा ऊँचा रखो सदा' — इस पंक्ति का क्या आशय है ?
(ङ) कविता में 'सच्चे देशभक्त' की क्या परिभाषा दी गई है ?

खंड-ख : व्यावहारिक व्याकरण (कुल अंक – 16)
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से किन्हीं चार के उत्तर दीजिए — [1×4=4 अंक]

(i) उपसर्ग पहचानकर लिखिए : (1) प्रतिष्ठा (2) अभिमान (3) सुपुत्र
(ii) प्रत्यय पहचानकर लिखिए : (1) नागरिकता (2) देशीय

प्रश्न 4. निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्द का भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) लाला लाजपत राय महान देशभक्त थे। (रेखांकित : 'महान')
(2) मैं अपने देश का नागरिक हूँ। (रेखांकित : 'मैं')
(3) देश का सम्मान सदा रखो। (रेखांकित : 'सदा')
(4) हम सब देश के नागरिक हैं। (रेखांकित : 'हम')
(5) जापानी युवक ने फल भेंट किए। (रेखांकित : 'जापानी')

प्रश्न 5. निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ की दृष्टि से भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) मैंने देश की सेवा की。
(2) क्या तुम सचमुच देश से प्रेम करते हो?
(3) काश! हमारा देश और अधिक उन्नत हो。
(4) देश का सम्मान सदा करते रहो。
(5) यदि नागरिक ईमानदार हों तो देश महान बनता है。

प्रश्न 6. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों में अलंकार पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) 'भारत माता की जय।'
(2) 'देश माँ की तरह पालती है।'
(3) 'कनक कनक ते सौ गुनी, मादकता अधिकाय।'
(4) 'चारू चंद्र की चंचल किरणें।'
(5) 'रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।'

खंड-ग : पाठ्यपुस्तक (कुल अंक – 30)
प्रश्न 7 (क). पठित गद्यांश पर आधारित प्रश्न : [1×5=5 अंक]

"हमारे देश के महान संत स्वामी रामतीर्थ एक बार जापान गए। वे रेल में यात्रा कर रहे थे कि एक दिन ऐसा हुआ कि उन्हें खाने को फल न मिले। गाड़ी एक स्टेशन पर ठहरी तो वहाँ भी उन्होंने फलों की खोज की, पर न पा सके। उनके मुँह से निकला — 'जापान में शायद अच्छे फल नहीं मिलते।' एक जापानी युवक प्लेटफार्म पर खड़ा था। उसने यह सुन लिया। वह दौड़ा और कहीं दूर से टोकरी भर ताजे फल ले आया।"

(1) स्वामी रामतीर्थ किस देश की यात्रा पर थे ? (अ) चीन (ब) अमेरिका (स) जापान (द) इंग्लैंड
(2) स्वामी जी को क्या कठिनाई हुई ? (अ) रेल नहीं मिली (ब) खाने को फल नहीं मिले (स) भाषा की समस्या थी (द) ठंड बहुत थी
(3) जापानी युवक ने फल लाने के बाद क्या माँगा ? (अ) धन (ब) आशीर्वाद (स) वापस जाकर यह न कहें कि जापान में फल नहीं मिलते (द) कुछ नहीं
(4) इस घटना से देशभक्ति का कौन-सा पाठ मिलता है ? (अ) हमेशा फल खाओ (ब) विदेश मत जाओ (स) हर नागरिक छोटे-छोटे कार्यों से देश का सम्मान बढ़ा सकता है (द) जापान जाना चाहिए
(5) 'एक-एक नागरिक देश के सम्मान से जुड़ा है' — यह किस घटना से सिद्ध होता है ? (अ) स्वामी जी की यात्रा से (ब) जापानी युवक के व्यवहार से (स) लाला लाजपत राय के भाषण से (द) कमालपाशा की घटना से

प्रश्न 7 (ख). अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 20-30 शब्द) [2×3=6 अंक]

(1) 'मैं और मेरा देश' — इस शीर्षक का क्या आशय है ?
(2) लाला लाजपत राय के अनुभव ने लेखक को कैसे प्रभावित किया ?
(3) कमालपाशा की घटना से क्या शिक्षा मिलती है ?

प्रश्न 7 (ग). लघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 60-80 शब्द) [3×3=9 अंक] (चार में से तीन के उत्तर)

(1) 'मैं और मेरा देश' निबंध की भाषा-शैली की विशेषताएँ बताइए।
(2) इस निबंध में नागरिक और राष्ट्र के संबंध को कैसे परिभाषित किया गया है ?
(3) 'अकेला चना क्या भाड़ फोड़े' — लेखक ने इस कहावत को गलत क्यों ठहराया ?
(4) इस निबंध से प्रेरणा लेकर बताइए कि आप अपने जीवन में देशभक्ति किस प्रकार व्यक्त करेंगे।

प्रश्न 7 (घ). दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 120-150 शब्द) [5×2=10 अंक]

(I) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(i) 'मैं और मेरा देश' निबंध के आधार पर बताइए कि एक सामान्य नागरिक अपने देश के सम्मान की रक्षा किस प्रकार कर सकता है ?
अथवा (ii) जापानी युवक की घटना इस निबंध की मूल भावना को किस प्रकार प्रकट करती है ?

(II) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(iii) 'मैं और मेरा देश' निबंध की आत्मपरक शैली की विशेषताएँ और उसका प्रभाव बताइए。
अथवा (iv) इस निबंध के माध्यम से कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' ने हिंदी निबंध-साहित्य में क्या योगदान दिया ?

खंड-घ : रचनात्मक लेखन (कुल अंक – 20)
प्रश्न 8. अनुच्छेद लिखिए : [5 अंक]

(क) देशभक्ति : रोज़मर्रा के जीवन में (संकेत-बिंदु : देशभक्ति का अर्थ • छोटे कार्यों में देशभक्ति • नागरिक कर्तव्य • जापानी युवक का उदाहरण)
अथवा
(ख) नागरिक और राष्ट्र : एक अविभाज्य संबंध (संकेत-बिंदु : व्यक्ति और राष्ट्र • अधिकार और कर्तव्य • देश की प्रतिष्ठा • हमारी जिम्मेदारी)

प्रश्न 9. अनौपचारिक पत्र लिखिए : [5 अंक]

(क) अपने मित्र को पत्र लिखिए जिसमें 'मैं और मेरा देश' निबंध पढ़कर प्रेरित होकर देशभक्ति के भाव व्यक्त करें。
अथवा
(ख) जिलाधिकारी को पत्र लिखिए जिसमें अपने क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाने का सुझाव दें。

प्रश्न 10. संवाद लेखन : [5 अंक]

(क) भारत भ्रमण पर आए एक विदेशी पर्यटक और एक भारतीय छात्र के बीच देश की संस्कृति और प्रगति पर संवाद लिखिए。
अथवा
(ख) दो मित्रों के बीच संवाद लिखिए जो 'मैं और मेरा देश' निबंध पढ़कर देशभक्ति के विभिन्न रूपों पर चर्चा करें。

प्रश्न 11. सूचना लेखन : [5 अंक]

(क) विद्यालय में 'स्वतंत्रता दिवस' पर 'मेरा देश — मेरी शान' निबंध प्रतियोगिता की सूचना लिखिए。
अथवा
(ख) विद्यालय में 'देशभक्ति गीत और कविता प्रतियोगिता' की सूचना लिखिए。

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पाठ 8 : रैदास — पद (संत रैदास)

खंड-क : अपठित बोध (कुल अंक – 14)
प्रश्न 1. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

भक्ति का अर्थ है — ईश्वर के प्रति अटूट प्रेम और समर्पण। भारतीय संत-परंपरा में भक्ति को ज्ञान और कर्म से भी श्रेष्ठ माना गया है। भक्तिकाल के संतों ने जाति, वर्ग और सामाजिक भेद से ऊपर उठकर ईश्वर के साथ सीधा, आत्मीय संबंध स्थापित किया। रैदास, कबीर, मीरा और तुलसीदास जैसे संत-कवियों ने यह सिद्ध किया कि भक्ति के मार्ग में किसी की जाति या वर्ग की कोई बाधा नहीं। रैदास मोची थे, कबीर जुलाहे — पर उनकी भक्ति इतनी प्रगाढ़ थी कि उन्हें महान संत माना गया। सच्ची भक्ति में आडंबर की कोई जगह नहीं। तीर्थ, व्रत और कर्मकांड से ऊपर है — हृदय की शुद्ध भक्ति। 'मन, क्रम और वचन' — तीनों स्तरों पर ईश्वर के प्रति समर्पण ही सच्ची भक्ति है। जब व्यक्ति का मन, कर्म और वचन एक दिशा में हों — तब जीवन सार्थक हो जाता है।

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) भक्तिकाल के संतों ने क्या सिद्ध किया ? (अ) जाति ही ईश्वर-प्राप्ति का माध्यम है (ब) भक्ति के मार्ग में जाति-वर्ग कोई बाधा नहीं (स) तीर्थ और व्रत ही मोक्ष देते हैं (द) संस्कृत ज्ञान ही भक्ति है
(ख) 'सच्ची भक्ति में आडंबर की जगह नहीं' — इस कथन का क्या आशय है ? (अ) बाहरी अनुष्ठान अनिवार्य हैं (ब) हृदय की शुद्ध भावना ही असली भक्ति है (स) मंदिर जाना जरूरी है (द) तीर्थ यात्रा आवश्यक है
(ग) 'मन, क्रम और वचन' — इस त्रिपुट का क्या महत्त्व है ? (अ) केवल वचन से भक्ति होती है (ब) केवल कर्म से मोक्ष मिलता है (स) तीनों स्तरों पर ईश्वर-समर्पण ही सच्ची भक्ति है (द) केवल मन से काम होता है

(ii) अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) रैदास और कबीर का उदाहरण देकर बताइए कि भक्ति के लिए क्या आवश्यक है।
(ङ) गद्यांश के आधार पर बताइए कि भक्तिकाल की विशेषता क्या थी ?

प्रश्न 2. निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

जिसने मन से राम जपा है,
उसको कोई दुख न व्यापा है।
चंदन-सा महके उसका जीवन,
दीपक-सा जो जले सदा।।

माटी के दीपक छोटे-से,
भरते हैं घर में उजियारा।
जैसे भक्त और भगवान का,
टूटे न यह रिश्ता प्यारा।।

भेद नहीं कुछ ऊँच-नीच का,
सबके मन में वही बसा है।
रैदास कहें — जो हरि को जाने,
वही जगत में सुखी हुआ है।।

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) 'चंदन-सा महके उसका जीवन' — यहाँ कौन-सा अलंकार है ? (अ) यमक (ब) अनुप्रास (स) उपमा (द) श्लेष
(ख) 'माटी के दीपक छोटे-से, भरते हैं घर में उजियारा' — इस पंक्ति का भाव है : (अ) छोटे दीपक कमज़ोर होते हैं (ब) साधारण व्यक्ति भी अपने क्षेत्र में प्रकाश फैला सकता है (स) दीपक जलाना जरूरी है (द) दीपक और भगवान एक हैं
(ग) 'रैदास कहें — जो हरि को जाने, वही जगत में सुखी हुआ है' — यहाँ कवि का क्या संदेश है ? (अ) केवल तीर्थ जाने से सुख मिलता है (ब) ईश्वर को जानने-मानने वाला ही जीवन में सुखी होता है (स) धन से सुख मिलता है (द) विद्वान ही सुखी होते हैं

(ii) लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) कविता में भक्त और भगवान के रिश्ते को कैसे दर्शाया गया है ?
(ङ) 'भेद नहीं कुछ ऊँच-नीच का' — इस पंक्ति का भावार्थ लिखिए।

खंड-ख : व्यावहारिक व्याकरण (कुल अंक – 16)
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से किन्हीं चार के उत्तर दीजिए — [1×4=4 अंक]

(i) उपसर्ग पहचानकर लिखिए : (1) अनन्य (2) समर्पण (3) प्रभु
(ii) प्रत्यय पहचानकर लिखिए : (1) भक्ति (2) रैदासा (रैदास+आ)

प्रश्न 4. निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्द का भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) रैदास महान संत थे। (रेखांकित : 'महान')
(2) तुम स्वामी, हम दासा। (रेखांकित : 'हम')
(3) दीपक की जोति दिन-रात जलती है। (रेखांकित : 'दिन-रात')
(4) मन क्रम वचन से भक्ति करो। (रेखांकित : 'मन')
(5) प्रभुजी तुम चंदन हम पानी। (रेखांकित : 'तुम')

प्रश्न 5. निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ की दृष्टि से भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) रैदास ने ईश्वर की भक्ति की。
(2) क्या तुम राम का नाम जपते हो?
(3) काश! मेरा मन प्रभु में लग जाए。
(4) सदा ईश्वर का स्मरण करते रहो。
(5) यदि मन शुद्ध हो तो ईश्वर की प्राप्ति होती है。

प्रश्न 6. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों में अलंकार पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) 'प्रभुजी तुम चंदन हम पानी, जाकी अंग-अंग बास समानी।'
(2) 'चितवत चंद चकोरा।'
(3) 'तुम दीपक, हम बाती।'
(4) 'कनक कनक ते सौ गुनी, मादकता अधिकाय।'
(5) 'रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।'

खंड-ग : पाठ्यपुस्तक (कुल अंक – 30)
प्रश्न 7 (क). पठित काव्यांश पर आधारित प्रश्न : [1×5=5 अंक]

"अब कैसे छूटै राम रट लागी।
प्रभुजी तुम चंदन हम पानी, जाकी अंग-अंग बास समानी।
प्रभुजी तुम घन बन, हम मोरा, जैसे चितवत चंद चकोरा।
प्रभुजी तुम दीपक, हम बाती, जाकी जोति बरै दिन राती।
प्रभुजी तुम मोती, हम धागा, जैसे सोने मिलत सुहागा।
प्रभुजी तुम स्वामी, हम दासा, ऐसी भगति करै रैदासा।"

(1) 'अब कैसे छूटै राम रट लागी' — इस पंक्ति का भाव है : (अ) राम-नाम रटना कठिन है (ब) आराध्य का नाम अब मन में रच-बस गया, छूट नहीं सकता (स) राम का नाम याद नहीं आता (द) मित्रों का नाम रटना
(2) 'प्रभुजी तुम चंदन हम पानी' — इस पंक्ति में भक्त और आराध्य का संबंध किस रूप में व्यक्त हुआ है ? (अ) एकाकार और समरूप — चंदन पानी में घुलकर एक हो जाता है (ब) तरल और तीव्र सुगंध (स) आश्रय और आश्रित (द) द्रव और ठोस
(3) 'तुम दीपक, हम बाती' — यहाँ कौन-सा अलंकार है ? (अ) उपमा (ब) अनुप्रास (स) रूपक (द) यमक
(4) 'जैसे सोने मिलत सुहागा' — इस पंक्ति में 'सुहागा' का क्या महत्त्व है ? (अ) सुहागा सोने से महंगा है (ब) सुहागा सोने की अशुद्धियाँ दूर कर उसे चमकाता है — भक्ति भी आत्मा को शुद्ध करती है (स) सुहागा और धागा एक हैं (द) सुहागा एक रत्न है
(5) 'प्रभुजी तुम स्वामी, हम दासा' — इस पंक्ति में भक्त किस भाव को व्यक्त कर रहा है ? (अ) अहंकार का (ब) आराध्य के प्रति पूर्ण समर्पण और विनम्रता का (स) दासता के विरोध का (द) स्वतंत्रता के भाव का

प्रश्न 7 (ख). अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 20-30 शब्द) [2×3=6 अंक]

(1) पहले पद में रैदास ने भक्त और आराध्य के संबंध को किन-किन उपमाओं से व्यक्त किया है ? तीन का उल्लेख कीजिए।
(2) दूसरे पद में रैदास ने तीर्थ और व्रत के विषय में क्या कहा है ?
(3) 'सबही पहर तुम्हारी आसा' — इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए。

प्रश्न 7 (ग). लघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 60-80 शब्द) [3×3=9 अंक] (चार में से तीन के उत्तर)

(1) रैदास के दोनों पदों में भक्त और आराध्य के संबंध को किन-किन प्रतीकों से व्यक्त किया गया है ? विस्तार से लिखिए।
(2) 'जो तुम तोरौ राम मैं नहि तोरौ' — इस पंक्ति में रैदास की किस भावना की अभिव्यक्ति है ?
(3) रैदास की भाषा-शैली की विशेषताएँ बताइए।
(4) भक्तिकाल में रैदास जैसे संतों ने सामाजिक समानता के लिए क्या किया ?

प्रश्न 7 (घ). दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 120-150 शब्द) [5×2=10 अंक]

(I) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(i) रैदास के पहले पद में प्रयुक्त प्रतीकों और उनके भावार्थ की विस्तार से व्याख्या कीजिए。
अथवा (ii) रैदास के दूसरे पद में आराध्य के प्रति अटूट निष्ठा को कैसे व्यक्त किया गया है ? 'जो तुम तोरौ राम' के संदर्भ में लिखिए。

(II) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(iii) रैदास की भक्ति में बाह्य आडंबर के विरोध और आंतरिक भक्ति की स्वीकृति को उनके पदों के आधार पर समझाइए。
अथवा (iv) भक्तिकाल की सामाजिक पृष्ठभूमि में रैदास के पदों का क्या महत्त्व है ? तत्कालीन सामाजिक परिस्थितियों के आधार पर स्पष्ट कीजिए。

खंड-घ : रचनात्मक लेखन (कुल अंक – 20)
प्रश्न 8. अनुच्छेद लिखिए : [5 अंक]

(क) भक्ति : आडंबर से परे (संकेत-बिंदु : भक्ति का अर्थ • तीर्थ-व्रत और सच्ची भक्ति • रैदास का संदेश • मन-वचन-कर्म की एकता)
अथवा
(ख) सामाजिक समानता : संतों का संदेश (संकेत-बिंदु : जाति-भेद की समस्या • संत-कवियों का योगदान • रैदास का उदाहरण • आज की प्रासंगिकता)

प्रश्न 9. अनौपचारिक पत्र लिखिए : [5 अंक]

(क) अपने मित्र को पत्र लिखिए जिसमें आप रैदास के पद पढ़कर उनकी भक्ति-भावना और सामाजिक समानता के संदेश से प्रेरित होकर अपने विचार व्यक्त करें。
अथवा
(ख) अपने हिंदी शिक्षक को पत्र लिखिए जिसमें भक्तिकाल के संत-कवियों के जीवन और रचनाओं पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दें。

प्रश्न 10. संवाद लेखन : [5 अंक]

(क) रैदास और उनके एक शिष्य के बीच 'सच्ची भक्ति और तीर्थ' के विषय पर संवाद लिखिए。
अथवा
(ख) दो छात्रों के बीच संवाद लिखिए — एक रैदास के 'तीर्थ से परे भक्ति' के सिद्धांत का समर्थन करे और दूसरा तीर्थ-यात्रा के महत्त्व पर बोले。

प्रश्न 11. सूचना लेखन : [5 अंक]

(क) विद्यालय में 'रैदास जयंती' के उपलक्ष्य में भजन-संध्या आयोजित होने वाली है। इसके लिए 80 शब्दों में एक सूचना लिखिए。
अथवा
(ख) विद्यालय में 'भक्तिकाल के संत-कवि' पर निबंध-प्रतियोगिता की सूचना लिखिए。

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पाठ 9 : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद (गोस्वामी तुलसीदास)

खंड-क : अपठित बोध (कुल अंक – 14)
प्रश्न 1. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

क्रोध मानव का सबसे बड़ा शत्रु है। जब मनुष्य क्रोध में होता है, तो वह सोचने-समझने की शक्ति खो देता है और गलत निर्णय लेता है। परंतु जो व्यक्ति क्रोध में भी विवेक नहीं खोता, वह सच्चा वीर है। विनम्रता एक ऐसा गुण है जो क्रोधी व्यक्ति को भी शांत कर सकती है। जब कोई क्रोध में हो और उसे विनम्रता से उत्तर दिया जाए, तो उसका क्रोध धीरे-धीरे शांत हो जाता है। तुलसीदास के रामचरितमानस में राम का विनम्र स्वभाव इसी सत्य को प्रमाणित करता है। एक कुशल शासक में तीन गुण अनिवार्य हैं — पहला : धैर्य, दूसरा : विनम्रता और तीसरा : विवेक। ये तीनों गुण राम के चरित्र में स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। लक्ष्मण साहसी हैं, तर्कशील हैं — पर राम का संतुलन उनसे श्रेष्ठ है। संकट की घड़ी में यही संतुलन नेतृत्व की कसौटी होती है।

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) एक कुशल शासक के लिए कौन-से तीन गुण अनिवार्य बताए गए हैं ? (अ) शक्ति, धन और सेना (ब) धैर्य, विनम्रता और विवेक (स) युद्ध-कला, बुद्धि और साहस (द) भक्ति, दया और क्षमा
(ख) 'क्रोध में भी विवेक न खोना' — इसे क्या कहा गया है ? (अ) कायरता (ब) सच्चे वीर का गुण (स) आलस्य (द) कमज़ोरी
(ग) राम और लक्ष्मण में मुख्य अंतर क्या बताया गया है ? (अ) राम कमज़ोर हैं, लक्ष्मण शक्तिशाली (ब) राम विनम्र हैं, लक्ष्मण क्रोधी (स) राम का भावनात्मक संतुलन लक्ष्मण के साहस से श्रेष्ठ है (द) लक्ष्मण शांत हैं, राम उग्र

(ii) अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) 'विनम्रता से क्रोधी भी शांत हो जाता है' — उदाहरण सहित समझाइए।
(ङ) गद्यांश के अनुसार संकट की घड़ी में नेतृत्व की कसौटी क्या है ?

प्रश्न 2. निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

धीर वही जो शांत रहे,
जब चारों ओर हो अंधियारा।
राम-सा मन हो जिसका,
उसको क्या है दुनिया का डर।।

क्रोध न करे, धनुष न तोड़े,
बोले मीठे बोल सदा।
लक्ष्मण-सा साहस भी हो,
पर राम-सी समझ बड़ी।।

संकट में जो डरे नहीं,
सच बोले बिना रुके।
वही योद्धा, वही वीर है,
जो विनम्र हो फिर भी।।

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) 'राम-सा मन हो जिसका' — इस पंक्ति में राम किसके प्रतीक हैं ? (अ) युद्ध-कौशल के (ब) धैर्य, विनम्रता और भावनात्मक संतुलन के (स) धनुष-विद्या के (द) वन-यात्रा के
(ख) 'लक्ष्मण-सा साहस भी हो, पर राम-सी समझ बड़ी' — इन पंक्तियों का क्या संदेश है ? (अ) लक्ष्मण राम से बड़े हैं (ब) साहस के साथ-साथ विवेक भी आवश्यक है (स) केवल साहस काफी है (द) केवल समझ काफी है
(ग) 'क्रोध न करे, धनुष न तोड़े, बोले मीठे बोल सदा' — इन पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ? (अ) यमक (ब) श्लेष (स) अनुप्रास (द) रूपक

(ii) लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) 'धीर वही जो शांत रहे' — इस पंक्ति का भाव अपने शब्दों में लिखिए।
(ङ) कविता में आदर्श योद्धा की क्या परिभाषा दी गई है ?

खंड-ख : व्यावहारिक व्याकरण (कुल अंक – 16)
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से किन्हीं चार के उत्तर दीजिए — [1×4=4 अंक]

(i) उपसर्ग पहचानकर लिखिए : (1) प्रतिरोध (2) विनम्र (3) अपमान
(ii) प्रत्यय पहचानकर लिखिए : (1) विनम्रता (2) क्रोधी

प्रश्न 4. निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्द का भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) राम विनम्र राजकुमार थे। (रेखांकित : 'विनम्र')
(2) परशुराम अत्यंत क्रोधित हुए। (रेखांकित : 'अत्यंत')
(3) लक्ष्मण ने परशुराम को उत्तर दिया। (रेखांकित : 'लक्ष्मण')
(4) वे सभा में आए। (रेखांकित : 'वे')
(5) सभा में उपस्थित सभी राजा भयभीत हो गए। (रेखांकित : 'सभी')

प्रश्न 5. निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ की दृष्टि से भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) राम ने परशुराम को प्रणाम किया。
(2) क्या तुमने धनुष तोड़ा ?
(3) अरे! इतना क्रोध क्यों ?
(4) काश! परशुराम का क्रोध शांत हो जाता。
(5) यदि राम विनम्र न होते तो संघर्ष होता。

प्रश्न 6. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों में अलंकार पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) 'अरि करनी करि करिअ लराई।'
(2) 'पद सरोज मेले दोउ भाई।'
(3) 'अरध निमेष कलप सम बीता।'
(4) 'मुख मयंक-सा सुंदर है।'
(5) 'रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।'

खंड-ग : पाठ्यपुस्तक (कुल अंक – 30)
प्रश्न 7 (क). पठित काव्यांश पर आधारित प्रश्न : [1×5=5 अंक]

"समाचार कहि जनक सुनाए। जेहि कारन महीप सब आए॥
सुनत बचन फिरि अनत निहारे। देखे चापखंड महि डारे॥
अति रिस बोले बचन कठोरा। कहु जड़ जनक धनुष कै तोरा॥
बेगि देखाउ मूढ़ न त आजू। उलटउँ महि जहँ लहि तव राजू॥
अति डरु उतरु देत नृप नाहीं। कुटिल भूप हरषे मन माहीं॥
सुर मुनि नाग नगर नर नारी। सोचहिं सकल त्रास उर भारी॥"

(1) राजा जनक ने परशुराम को सभा में आने का क्या कारण बताया ? (अ) युद्ध का आह्वान था (ब) सीता-स्वयंवर की व्यवस्था का कारण बताया (स) परशुराम को निमंत्रण दिया था (द) धनुष तोड़ने की बात छुपाई
(2) 'चापखंड महि डारे' — परशुराम ने यह देखकर क्या किया ? (अ) खुश हो गए (ब) शांत हो गए (स) अति क्रोध में कठोर वचन बोले (द) चले गए
(3) 'कुटिल भूप हरषे मन माहीं' — यह पंक्ति किस मानवीय सत्य को उजागर करती है ? (अ) राजा हमेशा दुखी रहते हैं (ब) जब दूसरे के घर आग लगे तो कुटिल लोग मन में खुश होते हैं (स) राजा विनम्र होते हैं (द) सभी राजा अच्छे थे
(4) परशुराम के कठोर वचनों पर जनक ने उत्तर क्यों नहीं दिया ? (अ) वे बहरे थे (ब) वे अत्यंत भयभीत हो गए थे (स) उन्हें उत्तर नहीं पता था (द) वे सहमत थे
(5) 'सुर मुनि नाग नगर नर नारी' — यहाँ कौन-सा अलंकार है ? (अ) रूपक (ब) अनुप्रास — 'न' वर्ण की आवृत्ति (स) यमक (द) श्लेष

प्रश्न 7 (ख). अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 20-30 शब्द) [2×3=6 अंक]

(1) 'अति रिस बोले बचन कठोरा' — परशुराम के क्रोध का मूल कारण क्या था ?
(2) 'सुनत बचन फिरि अनत निहारे' — यहाँ परशुराम की किस मनःस्थिति का चित्रण है ?
(3) 'राम हृदयँ न हरषु बिषादु कछु' — यह पंक्ति राम के किस विशेष गुण को दर्शाती है ?

प्रश्न 7 (ग). लघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 60-80 शब्द) [3×3=9 अंक] (चार में से तीन के उत्तर)

(1) 'सेवकु सो जो करै सेवकाई' — लक्ष्मण की इस उक्ति का क्या तात्पर्य है ? तुलसीदास ने इससे क्या संदेश दिया है ?
(2) राम और लक्ष्मण की प्रतिक्रिया में क्या अंतर है ? किसका मार्ग अधिक उचित है ?
(3) 'अरध निमेष कलप सम बीता' — यह पंक्ति किसके संदर्भ में कही गई है और इसका क्या भाव है ?
(4) इस काव्यांश में नाटकीयता कैसे उत्पन्न की गई है ?

प्रश्न 7 (घ). दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 120-150 शब्द) [5×2=10 अंक]

(I) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(i) 'हृदयँ न हरषु बिषादु कछु बोले श्रीरघुबीरु' — राम के भावनात्मक संतुलन का विश्लेषण कीजिए और बताइए कि यह गुण उन्हें सभा में उपस्थित अन्य पात्रों से किस प्रकार अलग स्थापित करता है。
अथवा (ii) राम और लक्ष्मण के माध्यम से तुलसीदास ने एक ही परिस्थिति के प्रति दो अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ दिखाई हैं। आपकी दृष्टि में राम का 'विनय' का मार्ग उचित है या लक्ष्मण के 'तर्क' का ? तर्क सहित लिखिए。

(II) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(iii) इस काव्यांश की भाषा-शैली और नाटकीय कौशल का विश्लेषण कीजिए。
अथवा (iv) परशुराम का चरित्र इस काव्यांश में किस प्रकार चित्रित किया गया है ? उनके क्रोध और तेज का वर्णन कीजिए。

खंड-घ : रचनात्मक लेखन (कुल अंक – 20)
प्रश्न 8. अनुच्छेद लिखिए : [5 अंक]

(क) विनम्रता : श्रेष्ठ गुण (संकेत-बिंदु : विनम्रता का अर्थ • राम का उदाहरण • विनम्रता और कमज़ोरी का अंतर • जीवन में उपयोगिता)
अथवा
(ख) क्रोध : मनुष्य का शत्रु (संकेत-बिंदु : क्रोध क्या है • परशुराम का उदाहरण • क्रोध के दुष्प्रभाव • क्रोध पर नियंत्रण)

प्रश्न 9. अनौपचारिक पत्र लिखिए : [5 अंक]

(क) अपने मित्र को पत्र लिखिए जिसमें आप 'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' पढ़कर राम के विनम्र स्वभाव से प्रेरणा लेकर अपने विचार व्यक्त करें。
अथवा
(ख) अपने हिंदी शिक्षक को पत्र लिखिए जिसमें तुलसीदास की काव्य-शैली और रामचरितमानस के महत्त्व के विषय में अपने विचार व्यक्त करें。

प्रश्न 10. संवाद लेखन : [5 अंक]

(क) कल्पना कीजिए कि आप जनक की सभा में उपस्थित एक राजा हैं। परशुराम के आगमन से लेकर उनके जाने तक की घटना अपने शब्दों में दो मित्र राजाओं के बीच संवाद के रूप में लिखिए。
अथवा
(ख) राम और लक्ष्मण के बीच परशुराम प्रसंग के बाद का संवाद लिखिए जिसमें लक्ष्मण अपने व्यंग्यपूर्ण उत्तर को सही ठहराने की कोशिश करें और राम उन्हें विनम्रता का महत्त्व समझाएँ。

प्रश्न 11. सूचना लेखन : [5 अंक]

(क) विद्यालय में 'रामचरितमानस पाठ-प्रतियोगिता' के आयोजन की सूचना लिखिए。
अथवा
(ख) विद्यालय के सभागार में 'रामलीला मंचन' की सूचना लिखिए。

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पाठ 10 : भारति, जय, विजयकरे! (सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला')

खंड-क : अपठित बोध (कुल अंक – 14)
प्रश्न 1. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

भारत की भूमि विविधताओं से भरी है। यहाँ पर्वत हैं, नदियाँ हैं, मैदान हैं, समुद्र हैं — प्रकृति ने इसे अपना सर्वश्रेष्ठ वरदान दिया है। भारत के उत्तर में हिमालय मुकुट की तरह खड़ा है, दक्षिण में तीन सागर पाद-प्रक्षालन करते हैं। गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र जैसी पवित्र नदियाँ इस भूमि को धन्य करती हैं। परंतु भारत की असली पहचान केवल उसकी प्रकृति में नहीं है। इसकी पहचान है — इसकी सांस्कृतिक विविधता में। अनेक भाषाएँ, अनेक धर्म, अनेक परंपराएँ — फिर भी एक राष्ट्र, एक भावना। 'अनेकता में एकता' — यही भारत की आत्मा है। स्वतंत्रता से पहले जब भारत गुलाम था, तब कवियों और लेखकों ने अपनी लेखनी से जन-जन में देशप्रेम जगाया। निराला, माखनलाल चतुर्वेदी, सुभद्रा कुमारी चौहान — इन सबने भारत-माँ की स्तुति करके लोगों में आज़ादी की आग जलाई।

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) भारत के उत्तर में क्या स्थित है और वह किसका प्रतीक है ? (अ) समुद्र — शक्ति का (ब) हिमालय — मुकुट की तरह भारत की महानता का (स) गंगा — पवित्रता का (द) मैदान — कृषि का
(ख) 'अनेकता में एकता' — यह भारत की क्या है ? (अ) कमज़ोरी (ब) भारत की आत्मा और असली पहचान (स) समस्या (द) विरोधाभास
(ग) स्वतंत्रता से पहले कवियों ने अपनी लेखनी से क्या किया ? (अ) केवल मनोरंजन किया (ब) जन-जन में देशप्रेम जगाया और आज़ादी की आग जलाई (स) विदेशियों की प्रशंसा की (द) युद्ध का आह्वान किया

(ii) अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) 'भारत की असली पहचान उसकी प्रकृति में नहीं' — तो वह कहाँ है ? गद्यांश के आधार पर लिखिए।
(ङ) गद्यांश के आधार पर बताइए कि स्वतंत्रता-संग्राम में कवियों की क्या भूमिका रही ?

प्रश्न 2. निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [7 अंक]

माँ, तेरा आँचल है हरा-भरा,
नदियाँ तेरी जीवन धारा。
हिम-मुकुट से श्रेष्ठ तू,
सागर-तल से गहरी तू।।

तेरे वन में कोयल गाए,
तेरे खेतों सोना लाए。
हे भारत माँ! जय हो तेरी,
तू है दुनिया सबसे न्यारी।।

गंगा-यमुना तेरे गहने,
हिमालय तेरा मुकुट सुनहरे。
देश मेरा, माँ तू मेरी,
प्राण न्योछावर, शान तेरी।।

(i) बहुविकल्पीय प्रश्न : [1×3=3 अंक]
(क) 'हे भारत माँ! जय हो तेरी' — यहाँ भारत को किस रूप में देखा गया है ? (अ) एक देश के रूप में (ब) माँ के रूप में — मानवीकरण अलंकार (स) देवी के रूप में (द) नदी के रूप में
(ख) 'गंगा-यमुना तेरे गहने, हिमालय तेरा मुकुट सुनहरे' — यहाँ कौन-सा अलंकार है ? (अ) उपमा (ब) यमक (स) रूपक — भारत में देवी का आरोप (द) अनुप्रास
(ग) कविता का मुख्य भाव क्या है ? (अ) भारत की नदियों का वर्णन (ब) भारत माँ की स्तुति और देशप्रेम (स) हिमालय की महानता (द) वनों का संरक्षण

(ii) लघूत्तरात्मक प्रश्न : [2×2=4 अंक]
(घ) 'प्राण न्योछावर, शान तेरी' — इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए。
(ङ) कविता में प्रकृति का वर्णन किस प्रकार देशभक्ति के भाव को व्यक्त करता है ?

खंड-ख : व्यावहारिक व्याकरण (कुल अंक – 16)
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से किन्हीं चार के उत्तर दीजिए — [1×4=4 अंक]

(i) उपसर्ग पहचानकर लिखिए : (1) विजय (2) प्रणव (3) उदार
(ii) प्रत्यय पहचानकर लिखिए : (1) भारती (भारत+ई) (2) मुखर (मुख+र)

प्रश्न 4. निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्द का भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) भारत की भूमि पवित्र है। (रेखांकित : 'पवित्र')
(2) गंगा ज्योतिर्जल-कण धवल धार हार गले। (रेखांकित : 'गंगा')
(3) दिशाएँ ध्वनित हो रही हैं। (रेखांकित : 'दिशाएँ')
(4) हिमालय का मुकुट सफेद है। (रेखांकित : 'सफेद')
(5) हम सब भारतवासी हैं। (रेखांकित : 'हम')

प्रश्न 5. निम्नलिखित वाक्यों का अर्थ की दृष्टि से भेद पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) भारत माँ की जय हो。
(2) क्या भारत की यह भूमि पवित्र नहीं ?
(3) वाह! हिमालय कितना भव्य है!
(4) सदा भारत माँ का स्मरण करते रहो。
(5) यदि प्रकृति न होती तो जीवन असंभव होता。

प्रश्न 6. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों में अलंकार पहचानकर लिखिए — [1×4=4 अंक]

(1) 'मुकुट शुभ्र हिम-तुषार।'
(2) 'धवल धार हार गले।'
(3) 'शतमुख-शतरव-मुखरे!'
(4) 'मुख मयंक-सा सुंदर है।'
(5) 'कनक कनक ते सौ गुनी, मादकता अधिकाय।'

खंड-ग : पाठ्यपुस्तक (कुल अंक – 30)
प्रश्न 7 (क). पठित काव्यांश पर आधारित प्रश्न : [1×5=5 अंक]

"भारति, जय, विजयकरे!
कनक-शस्य-कमलधरे!
लंका पदतल शतदल,
गर्जितोर्मि सागर-जल
धोता शुचि चरण युगल
स्तव कर बहु-अर्थ-भरे!
तरु-तृण-वन-लता वसन,
अंचल में खचित सुमन;
गंगा ज्योतिर्जल-कण
धवल धार हार गले。
मुकुट शुभ्र हिम-तुषार,
प्राण प्रणव ओंकार,
ध्वनित दिशाएँ उदार,
शतमुख-शतरव-मुखरे!
भारति, जय, विजयकरे!"

(1) 'कनक-शस्य-कमलधरे' पंक्ति का भावार्थ है : (अ) भारत में केवल कमल होता है (ब) भारत सोने जैसी फसलों और कमल धारण करने वाली समृद्ध भूमि है (स) भारत में सोना मिलता है (द) भारत की नदियों का वर्णन
(2) 'लंका पदतल शतदल, गर्जितोर्मि सागर-जल धोता शुचि चरण युगल' — इन पंक्तियों में क्या भाव है ? (अ) लंका और भारत के युद्ध का वर्णन (ब) समुद्र भारत माँ के पवित्र चरणों को धोता है — भारत की विशालता और श्रेष्ठता (स) समुद्र की लहरों का वर्णन (द) लंका की पराजय का वर्णन
(3) 'मुकुट शुभ्र हिम-तुषार' — इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है ? (अ) उपमा (ब) यमक (स) रूपक — हिमालय में मुकुट का आरोप (द) अनुप्रास
(4) 'प्राण प्रणव ओंकार' — इस पंक्ति का क्या अर्थ है ? (अ) ओंकार ध्वनि से प्राण नष्ट होते हैं (ब) भारत की आत्मा ओंकार (ओम्) की ध्वनि से गूँजती है — ज्ञान-परंपरा का प्रतीक (स) प्राण और ओंकार अलग हैं (द) ओंकार केवल ध्वनि है
(5) 'तरु-तृण-वन-लता वसन' — यहाँ वनस्पति को क्या बताया गया है ? (अ) भारत के जंगलों का सामान्य वर्णन (ब) भारत माँ का वस्त्र — मानवीकरण से भारत को देवी रूप में चित्रित किया गया है (स) वनों की कटाई का वर्णन (द) वसन बेचने का वर्णन

प्रश्न 7 (ख). अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 20-30 शब्द) [2×3=6 अंक]

(1) 'भारति, जय, विजयकरे' — इस कविता में भारत को किस रूप में देखा गया है ?
(2) कविता में भारत के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन किन-किन उपादानों से किया गया है ?
(3) 'शतमुख-शतरव-मुखरे' — इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए。

प्रश्न 7 (ग). लघूत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 60-80 शब्द) [3×3=9 अंक] (चार में से तीन के उत्तर)

(1) 'धवल धार हार गले' — इस पंक्ति में गंगा को किस रूप में चित्रित किया गया है ? भाव स्पष्ट कीजिए。
(2) कविता की भाषा-शैली की विशेषताएँ बताइए。
(3) निराला ने इस कविता में देशप्रेम को प्रकृति के माध्यम से कैसे व्यक्त किया है ?
(4) यह कविता स्वतंत्रता-पूर्व लिखी गई थी — इसकी वर्तमान संदर्भ में क्या प्रासंगिकता है ?

प्रश्न 7 (घ). दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (लगभग 120-150 शब्द) [5×2=10 अंक]

(I) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(i) 'भारति, जय, विजयकरे!' कविता में निराला ने भारत के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन किस प्रकार किया है ? प्रत्येक उपादान के भाव की विस्तार से व्याख्या कीजिए。
अथवा (ii) निराला की इस कविता की भाषा-शैली और अलंकार-योजना का विश्लेषण कीजिए。

(II) निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(iii) कविता के आधार पर बताइए कि निराला ने भारत को एक 'चेतन सत्ता' के रूप में कैसे प्रस्तुत किया है ?
अथवा (iv) इस कविता से प्रेरणा लेकर बताइए कि वर्तमान संदर्भ में भारत की प्रकृति की रक्षा क्यों आवश्यक है और हम क्या कर सकते हैं ?

खंड-घ : रचनात्मक लेखन (कुल अंक – 20)
प्रश्न 8. अनुच्छेद लिखिए : [5 अंक]

(क) प्रकृति का संरक्षण : देशभक्ति का एक रूप (संकेत-बिंदु : प्रकृति और राष्ट्र का संबंध • निराला का संदेश • गंगा-हिमालय खतरे में • हमारा दायित्व)
अथवा
(ख) भारत की सांस्कृतिक विविधता (संकेत-बिंदु : अनेकता में एकता • विविध भाषाएँ-परंपराएँ • शतमुख-शतरव • राष्ट्रीय एकता)

प्रश्न 9. अनौपचारिक पत्र लिखिए : [5 अंक]

(क) अपने मित्र को पत्र लिखिए जिसमें निराला की कविता 'भारति, जय, विजयकरे!' पढ़कर आप भारत की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता के विषय में अपने विचार व्यक्त करें。
अथवा
(ख) प्रधानमंत्री को पत्र लिखिए जिसमें गंगा नदी के संरक्षण और हिमालय की रक्षा के लिए विशेष कदम उठाने का अनुरोध करें。

प्रश्न 10. संवाद लेखन : [5 अंक]

(क) दो छात्रों के बीच संवाद लिखिए जो निराला की कविता 'भारति, जय, विजयकरे!' पढ़कर भारत की प्राकृतिक विरासत को बचाने के विषय में बात कर रहे हों。
अथवा
(ख) एक पर्यावरण-कार्यकर्ता और एक उद्योगपति के बीच संवाद लिखिए जो भारत में औद्योगिक विकास और पर्यावरण-संरक्षण के बीच संतुलन पर चर्चा करते हों。

प्रश्न 11. सूचना लेखन : [5 अंक]

(क) विद्यालय में 'भारत की प्राकृतिक विरासत' पर पोस्टर-प्रतियोगिता की सूचना लिखिए。
अथवा
(ख) विद्यालय में 'निराला जन्म-दिवस' पर काव्य-पाठ कार्यक्रम की सूचना लिखिए。

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